डेली न्यूज़

Meerut Snake Bite Case: अमित कश्यप हत्याकांड में पत्नी और प्रेमी को मिली मौत की सजा

 मेरठ
 सांप के डसने से मौत का मामला समझे जा रहे अमित कश्यप हत्याकांड में उसकी पत्नी रविता और प्रेमी अमरदीप को अदालत ने मृत्युदंड की सजा सुनाई। अपर जिला जज कोर्ट संख्या-12 की अदालत ने दोनों को हत्या का दोषी करार देने के बाद यह फैसला सुनाया। करीब डेढ़ साल तक चली सुनवाई में 86 तारीखें लगीं और 12 गवाहों की गवाही हुई।

इस हत्याकांड का पर्दाफाश तत्कालीन थाना प्रभारी दारोगा इंदू वर्मा के पोस्टमार्टम कराने के फैसले से हुआ था। परिवार और पत्नी के विरोध के बावजूद कराए गए पोस्टमार्टम में अमित की गला दबाकर हत्या किए जाने की पुष्टि हुई थी।

गला दबाकर हत्या, सांप से डसवाने की साजिश
मुजफ्फरनगर के तितावी क्षेत्र के सैदपुर निवासी रविता की शादी नौ वर्ष पहले बहसूमा क्षेत्र के अकबरपुर सादात निवासी अमित कश्यप से हुई थी। अमित टाइल और पत्थर लगाने का काम करता था। दंपती के तीन बच्चे हैं। अमित के साथ काम करने वाला अमरदीप पड़ोस में रहता था और रविता को चाची कहकर बुलाता था। इसी रिश्ते की आड़ में दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और करीब ढाई वर्ष पहले प्रेम संबंध हो गए।

12 अप्रैल 2025 को अमित पत्नी और बच्चों के साथ शाकंभरी देवी के दर्शन करने गया था। लौटते समय बहसूमा बस स्टैंड पर रविता ने अमित की नजर बचाकर अमरदीप से बात की। इसके बाद दोनों ने अमित की हत्या की साजिश रची। शाम तक सांप की व्यवस्था कर ली गई और अमरदीप ने उसे खेत में छिपा दिया।

रात करीब दस बजे खाना खाने के बाद अमित चारपाई पर सो गया। इसके बाद अमरदीप थैले में सांप लेकर पहुंचा। रविता ने अमित के हाथ पकड़ लिए और अमरदीप ने उसका गला दबा दिया। हत्या के बाद दोनों ने शव के नीचे घोड़ापछाड़ सांप छोड़ दिया। सांप की पूंछ अमित की कमर के नीचे दबने से उसने पांच बार काटा। इससे शरीर पर बने निशानों के कारण हत्या को सर्पदंश का रूप देने की कोशिश की गई।

पोस्टमार्टम से खुला हत्या का राज
13 अप्रैल 2025 की सुबह रविता ने नाश्ता तैयार किया और बेटे को अमित के पास भेजा। चारपाई पर सांप देखकर बेटे ने शोर मचा दिया। परिवार ने अमित की मौत सांप के डसने से होना मान लिया। शव को बुलंदशहर के गुलावटी ले जाकर झाड़-फूंक भी कराई गई। इसके बाद परिवार अंतिम संस्कार की तैयारी करने लगा।

इसी दौरान तत्कालीन थाना प्रभारी दारोगा इंदू वर्मा पुलिस टीम के साथ गांव पहुंचीं। परिवार और रविता पोस्टमार्टम कराने से इन्कार कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने पोस्टमार्टम कराया। तीन दिन बाद आई रिपोर्ट में गला दबाकर हत्या किए जाने की पुष्टि हुई। इसके बाद पुलिस ने रविता और अमरदीप को गिरफ्तार कर लिया।

86 तारीखों के बाद सुनाया फैसला
अपर जिला जज कोर्ट संख्या-12 में सुनवाई के दौरान 12 गवाहों के बयान दर्ज किए गए। सात अक्टूबर को अदालत ने रविता और अमरदीप को दोषी करार दिया था। इसके बाद अदालत ने दोनों को मृत्युदंड की सजा सुनाई। इस मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट हत्या का पर्दाफाश करने वाली अहम कड़ी साबित हुई।

 

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button