मध्य प्रदेश

वृद्धजन हमारी अमूल्य धरोहर, उनके अनुभव और आशीर्वाद से समृद्ध होता समाज : मंत्री श्री कुशवाह

भोपाल 

सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण मंत्री श्री नारायण सिंह कुशवाह ने कहा कि वृद्धजन हमारे परिवार और समाज की अमूल्य धरोहर हैं। उनके जीवन का अनुभव, ज्ञान और आशीर्वाद नई पीढ़ी के लिए मार्गदर्शन का आधार है। वृद्धजनों का सम्मान केवल एक दिन तक सीमित न रहकर हमारे व्यवहार और संस्कारों का हिस्सा होना चाहिए। उन्होंने यह बात अंतर्राष्ट्रीय वृद्ध जन्म दिवस के अवसर पर प्रशासन अकादमी के स्वर्ण जयंती सभागार में आयोजित राज्यस्तरीय कार्यक्रम में कहीं। कार्यक्रम में 500 से अधिक वृद्धिजनों को शाल श्रीफल देकर सम्मानित किया गया कार्यक्रम की अध्यक्षता सांसद श्री आलोक शर्मा ने की तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में विधायक श्री भगवानदास सबनानी उपस्थित थे।

मंत्री श्री कुशवाह कहा कि कार्यक्रम में ऐसे वयोवृद्ध भी उपस्थित हैं, जिन्होंने अपने जीवन के 100 वर्ष पूरे किए हैं। उनके पास एक शताब्दी का अनुभव है, जिससे समाज और युवा पीढ़ी बहुत कुछ सीख सकती है। 100 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके वरिष्ठजन एक खुली किताब की तरह होते हैं। उनके साथ बैठकर, उनसे संवाद कर उनके जीवन के अनुभव और ज्ञान को आत्मसात किया जा सकता है। वरिष्ठजन परिवार से जुड़े रहें और उन्हें अनावश्यक सामाजिक बंदिशों में न बांधा जाए। जो वृद्धजन स्वस्थ हैं और काम करना चाहते हैं, उन्हें अपनी क्षमता के अनुसार सक्रिय रहने के अवसर मिलना चाहिए।

मंत्री श्री कुशवाह ने कहा कि भारत की पारिवारिक व्यवस्था, संस्कार और जीवन-मूल्य पूरी दुनिया के लिए प्रेरणा का विषय हैं। दुनिया के कई विकसित देश भी परिवार, बुजुर्गों के सम्मान और जीवन-मूल्यों से जुड़ी भारतीय परंपराओं से सीख रहे हैं। हमें अपनी इस समृद्ध परंपरा को और मजबूत करते हुए वृद्धजनों के सम्मान और सेवा को जीवन का हिस्सा बनाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश के वृद्धजनों, दिव्यांगजनों तथा अन्य सामाजिक रूप से जरूरतमंद वर्गों की आवश्यकताओं को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से पूरा करने के निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। सरकार का उद्देश्य है कि जरूरतमंद वर्गों तक योजनाओं का लाभ पहुंचे और उन्हें सम्मानजनक एवं बेहतर जीवन के लिए आवश्यक सहयोग उपलब्ध हो। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत भी वरिष्ठजनों के सम्मान एवं कल्याण को महत्व दिया जा रहा है। कार्यक्रम में स्वास्थ्य परीक्षण और सहायक उपकरणों की उपलब्धता इसी दिशा में किए जा रहे कार्यों का हिस्सा है। उन्होंने सभी वृद्धजनों के स्वस्थ, सुखी एवं दीर्घायु जीवन की कामना की।

भोपाल सांसद श्री आलोक शर्मा ने कहा कि वरिष्ठजनों ने अपने अनुभव, योगदान और संस्कारों से परिवार एवं समाज को समृद्ध किया है। उनका सम्मान और गरिमापूर्ण उपस्थिति परिवार तथा समाज की समृद्ध परंपरा का प्रतीक है। उनके जीवन का अनुभव नई पीढ़ी को निरंतर प्रेरणा देता है।

विधायक श्री भगवानदास सबनानी ने कहा कि सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत वृद्धजनों का सम्मान समाज में उनके योगदान के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर है। उनके अनुभव और आशीर्वाद समाज के लिए अमूल्य हैं। उन्होंने सभी वरिष्ठजनों के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए उनके स्वस्थ एवं सुखी जीवन की कामना की।

परशुराम कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष पं. श्री विष्णु राजोरिया ने अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि माता-पिता और वृद्धजनों की सेवा एवं सम्मान हमारी संस्कृति की महत्वपूर्ण पहचान है। परिवार और समाज में वरिष्ठजनों के अनुभव एवं मार्गदर्शन को सम्मान देना हमारी जिम्मेदारी है।

सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती सोनाली पोंक्षे वायंगणकर ने कहा कि जीवन प्रत्याशा बढ़ने के साथ वरिष्ठजनों के स्वास्थ्य, सामाजिक एवं आर्थिक सुरक्षा से जुड़ी जिम्मेदारियां भी बढ़ी हैं। वृद्धजनों को स्वास्थ्य सुविधाओं, सामाजिक सुरक्षा और साइबर अपराधों से बचाव के प्रति जागरूक करना आवश्यक है। विभाग द्वारा इस दिशा में विभिन्न स्तरों पर कार्य किए जा रहे हैं तथा देखभाल से जुड़े प्रशिक्षण पर भी ध्यान दिया जा रहा है।

सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के आयुक्त श्री कृष्ण गोपाल तिवारी ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस का उद्देश्य वरिष्ठजनों के योगदान के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने के साथ उनके सम्मान और गरिमापूर्ण जीवन को सुनिश्चित करना है। कार्यक्रम में स्वास्थ्य परीक्षण एवं साइबर जागरूकता जैसी सुविधाओं के माध्यम से वृद्धजनों को आवश्यक जानकारी और सहयोग उपलब्ध कराया गया। उन्होंने कहा कि वरिष्ठजनों को आवश्यक सेवाएं और सहयोग उपलब्ध कराने के लिए विभाग द्वारा निरंतर कार्य किया जा रहा है।

कार्यक्रम में 100 वर्ष की आयु पूर्ण करने वाली तीन शतायु माताओं श्रीमती राजूबाई, श्रीमती तुलसीबाई एवं श्रीमती कौशल्या देवी को विशेष शतायु सम्मान प्रदान किया गया। तीनों शतायु माताओं को ₹5,100 की सम्मान राशि एवं शॉल भेंट कर सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में महावीर संस्था द्वारा दिव्यांगजनों को कृत्रिम अंग एवं आवश्यक सहायक उपकरण उपलब्ध कराए गए। इससे दिव्यांगजनों को दैनिक जीवन में अधिक सुविधा और आत्मनिर्भरता की दिशा में सहयोग मिलेगा। साथ ही वरिष्ठजनों के लिए स्वास्थ्य परीक्षण की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई। स्वास्थ्य विशेषज्ञों द्वारा आवश्यक जांच एवं स्वास्थ्य संबंधी जानकारी प्रदान की गई।

कार्यक्रम में जरूरतमंद दिव्यांगजनों को ट्राइसाइकिल वितरित की गईं। इससे उन्हें आवागमन में सुविधा मिलेगी और दैनिक गतिविधियों में अधिक आत्मनिर्भरता प्राप्त होगी। वृद्ध मित्रों ने सक्रिय रूप से अपनी सेवाएं दीं। उन्होंने वरिष्ठजनों की सहायता करने, उन्हें कार्यक्रम स्थल तक पहुंचाने तथा आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने में सहयोग किया।

कार्यक्रम में प्रमुख सचिव श्रीमती सोनाली पोंक्षे वायंगणकर, आयुक्त श्री कृष्ण गोपाल तिवारी सहित विभागीय अधिकारी, जनप्रतिनिधि, विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में वरिष्ठजन उपस्थित रहे।

 

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