विदेश

ट्रंप का 100% टैरिफ प्लान, भारत की दवा कंपनियों को मिली बड़ी राहत

वाशिंगटन
अमेरिका भारत समेत कई देशों पर 100 फीसदी टैरिफ लगाने की बात कर रहा है। हालांकि ज्यादा टैरिफ लगाने से अमेरिका के लोगों को महंगाई का सामना करना पड़ता है। ऐसे टैरिफ से निर्यात करने वाले देश ही नहीं बल्कि अमेरिका को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है। दवाइयों के मामले में भी यह किसी से छिपा नहीं है। डोनाल्ड ट्रंप ने दवाओं पर 100 फीसदी टैरिफ की बात कही थी। हालांकि अब ट्रंप प्रशासन कई खास दवाइयों को मूल्यानुसार शुल्क से छूट देने का विचार कर रहा है। इससे भारत की दवा कंपनियों को भी राहत मिलेगी।

रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका भारत सहित 20 देशों से आयात की जाने वाली दुर्लभ बीमारियों के इलाज में इस्तेमाल होने वाली दवाओं और उनसे जुड़े अवयवों परकोई मूल्यानुसार शुल्क नहीं लगाएगा। विश्व सीमा शुल्क संगठन के अनुसार मूल्यानुसार शुल्क, कर योग्य वस्तुओं के मौद्रिक मूल्य का एक निश्चित प्रतिशत होता है।

घरेलू उत्पादन बढ़ाने पर अमेरिका का जोर
अमेरिकी वाणिज्य विभाग ने फेडरल रजिस्टर में इन देशों की सूची प्रकाशित की है। विभाग 29 सितंबर से कुछ पेटेंट प्राप्त दवा आयात और उनसे जुड़े घटकों पर 100 प्रतिशत शुल्क लगाने की तैयारी कर रहा है। घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देने के तहत अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दो अप्रैल को पेटेंट प्राप्त दवाओं, बायोलाजिक्स और उनसे संबंधित अवयवों के आयात पर शुल्क लगाने के संबंध में एक घोषणापत्र जारी किया था।

कौन सी दवाइयों पर मिलेगी राहत
शून्य प्रतिशत शुल्क दर के लिए पात्र उत्पादों में दुर्लभ बीमारियों की सभी दवाएं, बांझपन उपचार, सेल थेरेपी, जीन थेरेपी, एंटीबॉडी-ड्रग कंजुगेट्स (एडीसी) और पशु औषधियां शामिल हैं। इन दवाओं में इस्तेमाल होने वाले अवयव भी शून्य प्रतिशत शुल्क दर के दायरे में आएंगे।

भारत के अलावा इन देशों को भी राहत
भारत के अलावा शून्य शुल्क दर वाली श्रेणी में शामिल अन्य देश अर्जेंटीना, बांग्लादेश, कंबोडिया, इक्वाडोर, अल साल्वाडोर, यूरोपीय संघ, ग्वाटेमाला, इंडोनेशिया, जापान, जॉर्डन, मलेशिया, उत्तरी मैसेडोनिया, दक्षिण कोरिया, स्विट्जरलैंड, लिकटेंस्टीन, ताइवान, थाईलैंड, ब्रिटेन और वियतनाम हैं।

नोटिस में कहा गया कि इन देशों से आने वाले पात्र उत्पादों को शून्य प्रतिशत शुल्क का लाभ इसलिए मिल सकता है क्योंकि अमेरिका के साथ उनका इस समय व्यापार और सुरक्षा ढांचा समझौता है या आने वाले दिनों में यह समझौता हो सकता है। यह छूट व्यापार विस्तार अधिनियम की धारा 232 के तहत दवाओं और दवा अवयवों के आयात पर दी जा रही है। एक परिशिष्ट में नामित कंपनियों के लिए यह शुल्क 31 जुलाई से लागू हो चुका है और अन्य दायरे में आने वाली कंपनियों पर यह 29 सितंबर से लागू होगा। वाणिज्य विभाग के नोटिस के अनुसार, जेनेरिक दवा उत्पाद और उनसे जुड़े अवयव धारा 232 के तहत लगने वाले दवा शुल्क के दायरे में नहीं आते हैं।

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