सपा की ‘वोट बैंक की राजनीति’ को भाजपा का करारा सियासी जवाब

लखनऊ
भारतीय जनता पार्टी अल्पसंख्यक मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष कुंवर बासित अली के लखनऊ आगमन पर उत्तर प्रदेश सरकार के राज्य मंत्री दानिश आजाद अंसारी के आवास पर आज हुआ भव्य स्वागत समारोह राजधानी की सियासत में चर्चा का विषय बन गया। हज़ारों की संख्या में कार्यकर्ताओं और समर्थकों की मौजूदगी में हुए इस कार्यक्रम ने जहां भाजपा के ताकत का एहसास कराया, वहीं समाजवादी पार्टी की वर्षों पुरानी ‘मुस्लिम वोट बैंक’ वाली राजनीति को सीधी राजनीतिक चुनौती भी दी।
कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं का उत्साह और उमड़ा जनसमूह यह संदेश देता नजर आया कि मुस्लिम समाज को किसी एक राजनीतिक दल की स्थायी राजनीतिक संपत्ति समझने का दौर अब समाप्त हो रहा है। सपा के लिए यह दृश्य इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि जिस समाज को वह लंबे समय से अपने राजनीतिक प्रभाव का आधार मानती रही है, उसी समाज का बड़ा हिस्सा अब भाजपा के साथ अपनी राजनीतिक भागीदारी को लेकर खुलकर सामने आ रहा है।
राज्य मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार बिना भेदभाव, सबके विकास के संकल्प के साथ काम कर रही है। उन्होंने कहा कि मुस्लिम समाज का युवा अब केवल राजनीतिक नारों के आधार पर नहीं, बल्कि शिक्षा, रोजगार, विकास, सुरक्षा और सम्मान के आधार पर अपना भविष्य तय करना चाहता है।
उन्होंने समाजवादी पार्टी पर व्यंग्य करते हुए कहा कि “जो लोग वर्षों से मुस्लिम समाज को अपना स्थायी वोट बैंक समझकर राजनीति करते रहे, उन्हें अब यह समझ लेना चाहिए कि लोकतंत्र में वोट किसी की जागीर नहीं होता।”
दानिश आजाद अंसारी ने कहा कि लखनऊ में आज का यह स्वागत कार्यक्रम बदलते राजनीतिक माहौल का जीता-जागता संदेश है। भाजपा हर समाज के बीच लगातार संवाद और संपर्क बढ़ा रहा है तथा बड़ी संख्या में मुस्लिम युवा मोदी योगी के विकास के विजन से जुड़ रहे हैं।
कुंवर बासित अली के स्वागत में दिखाई दिया उत्साह और शक्ति प्रदर्शन आने वाले विधानसभा चुनावों के मद्देनजर भाजपा की सक्रियता और राजनीतिक तैयारी का भी संकेत माना जा रहा है।





