सेमीफाइनल की चूक भुलाकर पांचवें स्थान पर नजर, जर्मनी के खिलाफ उतरेगी भारत

एम्सटेलवीन
पूरे टूर्नामेट में सिर्फ एक मैच हारने वाली भारतीय महिला हॉकी टीम सेमीफाइनल में नहीं पहुंच पाने के गम को भुलाकर गुरुवार को अपने से ऊंची रैंकिंग वाली जर्मनी को हराते हुए विश्व कप में पांचवें स्थान के साथ विदा लेने के इरादे से उतरेगी और मैच का नतीजा चाहे जो हो, यह पिछले 52 साल में उसका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन होगा।
इस साल शानदार फॉर्म में चल रही भारतीय महिला टीम ने अपने प्रदर्शन से सभी को प्रभावित किया है। ऑस्ट्रेलिया के विरुद्ध दूसरे पूल चरण का आखिरी मैच अगर गोलरहित ड्रॉ नहीं रहता तो भारतीय टीम सेमीफाइनल खेल रही होती। तीन दिन के ब्रेक ने उस हार की मायूसी को भुलाने में मदद की होगी और अब पांचवीं रैंकिंग वाली दो बार की चैंपियन जर्मन टीम की कठिन चुनौती का सामना करना है जो विश्व कप से पहले दो अभ्यास मैचों में उसे हरा चुकी है।
भारत का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 1974 में
इससे पहले हुए 15 विश्व कप में से आठ ही खेल सकी भारतीय टीम का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 1974 में फ्रांस में ही पहले टूर्नामेंट में रहा था जब अजिंदर कौर की कप्तानी में टीम चौथे स्थान पर रही थी। एम्सटेलवीन और स्पेन के टेरेसा में खेले गए विश्व कप में भारतीय टीम नौवें स्थान पर रही थी।
एशियन गेम्स में फॉर्म को बरकरार रखना चाहेगी भारतीय टीम
पहली बार विश्व कप खेल रही 11 युवा खिलाड़ियों को लेकर उतरे कोच शोर्ड मारिन की टीम ने अपेक्षा से बेहतर प्रदर्शन किया है और अगले महीने होने वाले एशियाई खेलों से पहले उसका आत्मविश्वास बढ़ा होगा, जहां स्वर्ण पदक जीतकर लॉस एंजिलिस ओलंपिक के लिए सीधे क्वालीफाई करने का मौका है।
टीम इंडिया का हॉकी विश्व कप में शानदार प्रदर्शन
टूर्नामेंट की शुरुआत में ही ओलंपिक रजत पदक विजेता चीन को 2 -2 से ड्रॉ पर रोकने वाली भारतीय टीम ने दूसरे मैच में दक्षिण अफ्रीका को 6 -1 से हराया और छह अलग अलग खिलाड़ियों ने गोल किए। आखिरी पूल मैच गोलरहित ड्रॉ रहने पर भारत ने पूल डी में दूसरे स्थान पर रहकर दूसरे दौर में जगह बनाई थी।
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ ड्रॉ मैच ने तोड़ा सपना
दूसरे दौर में ओलंपिक और विश्व कप चैंपियन नीदरलैंड्स को भारत ने खुलकर खेलने नहीं दिया और मेजबान टीम पेनल्टी कॉर्नर पर ही दो गोल कर सकी। यह टूर्नामेंट में भारत की एकमात्र हार थी और उसे अगले मैच में हर हालत में ऑस्ट्रेलिया को हराना था लेकिन वह मैच भी गोलरहित ड्रॉ रहा जिससे सेमीफाइनल खेलने का सपना टूट गया।





