छत्तीसगढ

कांग्रेस पर बरसे मंत्री केदार कश्यप, कहा- आदिवासी समाज को भड़काने की कोशिश होगी नाकाम

रायपुर.

यूसीसी को लेकर छत्तीसगढ़ कांग्रेस के रूख पर पर मंत्री केदार कश्यप ने निशाना साधा है. उन्होंने कहा है कि जहां राष्ट्रीयता और समाजहित की बात आती है, वहां कांग्रेस विरोध करने लगती है. मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि आदिवासी समाज को यूसीसी से दूर रखा जाएगा.

आदिवासी समाज को भड़काने की जो कोशिश हो रही है, वह सफल नहीं होगी. मंत्री केदार कश्यप ने मीडिया से चर्चा में बस्तर से आदिवासियों के साथ आंदोलन करने की कांग्रेस की तैयारी पर कहा कि कांग्रेस को पहले आत्मावलोकन करना चाहिए. कांग्रेस के राजकुमार जब भी यहां आए, उन्होंने कुछ नहीं किया. राहुल गांधी ने 2008 और फिर 2019 में बड़ी-बड़ी बातें कीं, लेकिन पीएम आवास योजना छीन ली, और लोगों की छत छीनने का काम किया. हमारी सरकार की चरण पादुका योजना भी बंद कर दी गई. आज बस्तर नक्सलमुक्त हो रहा है तो कांग्रेस को यह रास नहीं आ रहा है.

वहीं 29 सीटों पर कांग्रेस के फोकस को लेकर मंत्री ने कहा कि कांग्रेस की मानसिकता ही ऐसी है. उनकी योजनाओं और राजनीति का प्रदेश के विकास से कोई सरोकार नहीं है. आदिवासियों के मन में पीड़ा पैदा करने और उन्हें भड़काने की कोशिश की जा रही है, लेकिन यह सफल नहीं होगी. पहले भी पीसीसी चीफ ने आदिवासियों को बुलाया था बकरा भात खाने के लिए और सुअर भात खिलाकर उन्हें भेज दिया था. महतारी वंदन योजना में डेढ़ लाख महिलाओं के नाम कटने पर मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि कांग्रेस के लोग पहले 500 रुपए देने की बात करते थे, जबकि हमारी सरकार ने मातृशक्ति को राखी से पहले ही राशि दी, तो कांग्रेस को तकलीफ हो रही है. यह मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता है. तकनीकी समस्या है तो उसे जल्द सॉल्व कर लिया जाएगा, लेकिन कांग्रेस की मानसिकता नहीं सुधारी जा सकती.

कंप्यूटर की खराबी सुधारी जा सकती है, लेकिन इनके दिमाग की खराबी का इलाज मुश्किल है.
कर्नाटक में वंदेमातरम का दो अंतरा ही गाने की घोषणा पर केदार कश्यप ने कहा कि कांग्रेस की मानसिकता साफ दिखती है, उनके नेताओं ने तुष्टीकरण की राजनीति के कारण वंदे मातरम नहीं गाने का फैसला लिया था, और वही नीति आज भी चली आ रही है. वहीं यूथ कांग्रेस के चुनाव में खर्च को लेकर कहा कि कांग्रेस में पार्षद और विधायक के टिकट के लिए पैसों का लेन-देन होता है, उसी के आधार पर पद बांटे जाते हैं, और अब संगठन के पदों की भी बोली लग रही है. वन विभाग में वन रक्षकों की भर्ती को लेकर वन मंत्री ने कहा कि लिखित परीक्षा व्यापम के माध्यम से कराने की तैयारी चल रही है. अपडेट के अनुसार दिसंबर 2026 तक परीक्षा आयोजित होने की संभावना है, जिसमें करीब 16 हजार अभ्यर्थी शामिल होंगे, इसके बाद भर्ती प्रक्रिया पूरी की जाएगी.

नेपाल में फंसे लोगों के लिए हेल्पलाइन नंबर
नेपाल में आई बाढ़ को लेकर राज्य सरकार ने हेल्पलाइन नंबर जारी किया है. इस पर मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि यह बहुत बड़ी प्राकृतिक त्रासदी है. मुख्यमंत्री ने संवेदनशीलता दिखाते हुए हेल्पलाइन नंबर शुरू कराया है, ताकि वहां फंसे लोगों और उनके परिवारों को संबल मिल सके.

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