डेली न्यूज़

ताजमहल के अंदर मंदिर होने के दावे पर हाईकोर्ट में सुनवाई, सर्वे की मांग वाली याचिका से बढ़ी हलचल

प्रयागराज
 आगरा स्थित विश्व धरोहर ताजमहल को लेकर एक बार फिर कानूनी बहस तेज हो गई है. ताजमहल परिसर को भगवान श्री अग्रेश्वर महादेव नागनाथेश्वर विराजमान ‘तेजो महालय’ मंदिर बताए जाने के दावे से जुड़े मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई है. इस याचिका पर 7 जुलाई को सुनवाई होने की संभावना है। 

दायर याचिका में ताजमहल परिसर का सर्वे कराने के लिए एडवोकेट कमिश्नर नियुक्त करने की मांग की गई है. याचिकाकर्ताओं का कहना है कि विवादित परिसर के सर्वेक्षण से यह स्पष्ट हो सकेगा कि वहां पहले मंदिर था या नहीं. यह याचिका आगरा की सिविल जज (सीनियर डिवीजन) और अपर जिला जज की अदालतों के उन आदेशों को चुनौती देते हुए दाखिल की गई है, जिनमें सर्वे के लिए एडवोकेट कमिश्नर नियुक्त करने से इनकार कर दिया गया था। 

याचिका में कहा गया है कि वर्ष 2015 से सिविल जज (सीनियर डिवीजन) की अदालत में एक दीवानी वाद लंबित है, जिसमें यह घोषणा करने की मांग की गई है कि ताजमहल परिसर वास्तव में भगवान श्री अग्रेश्वर महादेव नागनाथेश्वर विराजमान ‘तेजो महालय’ मंदिर है. इसी मुकदमे की सुनवाई के दौरान परिसर का सर्वे कराने के लिए आवेदन दिया गया था, लेकिन निचली अदालतों ने इसे स्वीकार नहीं किया। 

यह याचिका स्वयं भगवान श्री अग्रेश्वर महादेव नागनाथेश्वर विराजमान तेजो महालय के माध्यम से ‘नेक्स्ट फ्रेंड’ (मित्र) हरिशंकर जैन तथा पांच अन्य याचिकाकर्ताओं की ओर से संयुक्त रूप से दाखिल की गई है. मामले में भारत सरकार, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) और दो अन्य पक्षों को प्रतिवादी बनाया गया है। 

अब सभी की नजर इलाहाबाद हाईकोर्ट की आगामी सुनवाई पर टिकी है. यदि अदालत सर्वे के लिए एडवोकेट कमिश्नर नियुक्त करने की मांग स्वीकार करती है, तो मामले की आगे की कानूनी प्रक्रिया नई दिशा ले सकती है. वहीं, यह स्पष्ट करना भी जरूरी है कि फिलहाल अदालत ने इस दावे की सत्यता पर कोई टिप्पणी नहीं की है. हाईकोर्ट में फिलहाल केवल सर्वे कराने की मांग से संबंधित याचिका पर सुनवाई प्रस्तावित है। 

क्या की गई मांग?
इस मुकदमे में यह घोषणा करने की मांग की गई है कि ताजमहल परिसर में वास्तव में भगवान श्री अग्रेश्वर महादेव नागनाथेश्वर विराजमान तेजो महालय मंदिर स्थित है। इसी मुकदमे के ट्रायल के दौरान परिसर के सर्वेक्षण के लिए एडवोकेट कमीशन नियुक्त करने का प्रार्थना पत्र दिया गया था। दोनों अदालतों (सिविल जज सीनियर डिवीजन व अपर जिला जज) ने इस पर कोई भी आदेश देने से मना कर दिया था।

यह याचिका स्वयं भगवान श्री अग्रेश्वर महादेव नागनाथेश्वर विराजमान तेजो महालय के जरिये मित्र हरिशंकर जैन सहित पांच अन्य की ओर से संयुक्त रूप से की गई है। इसमें भारत सरकार, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण और दो अन्य को विपक्षी बनाया गया है।

दो अदालतों ने याचिका खारिज की
मुकदमे के लंबित रहने के दौरान अतिरिक्त जिला न्यायाधीश के समक्ष एक आवेदन दायर कर सर्वे के लिए एडवोकेट कमिश्नर नियुक्त करने की मांग की गई थी। दोनों जिला अदालतों ने इस याचिका को खारिज कर दिया। याचिका में भारत सरकार, भारतीय पुरातात्विक सर्वेक्षण, यानी आर्कियालॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (ASI) और दो अन्य को प्रतिवादी बनाया गया है।

महदेव मंदिर होने का दावा
याचिका में दावा किया गया है कि आगरा में स्थित विश्व धरोहर ताजमहल परिसर में भगवान श्री अग्रेश्वर महादेव नागनाथेश्वर विराजमान तेजो महालय मंदिर है। याचिकाकर्ताओं ने इलाहाबाद हाईकोर्ट से आगरा के एडिशनल डिस्ट्रिक्ट जज (एडीजे) की ओर से सिविल रिवीजन संख्या 03/2020 में 4 अप्रैल 2026 को पारित आदेश और इससे पहले सिविल जज (सीनियर डिवीजन) की ओर से मूल वाद संख्या 356/2015 में 18 जुलाई 2019 को पारित आदेश को रद्द करने की मांग की गई है। इन दोनों आदेशों में याचिका खारिज की गई थी।

 

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button