राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का मध्यप्रदेश प्रवास तय, ओंकारेश्वर यात्रा पर रहेगा खास फोकस

खंडवा
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के 18 और 19 जून को प्रस्तावित खंडवा दौरे को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। उनका यहां भगवान ओंकारेश्वर के दर्शन-पूजन का कार्यक्रम भी प्रस्तावित है।
प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार राष्ट्रपति 18 जून को ओंकारेश्वर पहुंचकर भगवान ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन एवं पूजा-अर्चना कर रात्रि विश्राम करेंगी। इसके बाद 19 जून को वे सिकल सेल जागरूकता और स्वास्थ्य कार्यक्रम में शामिल होंगी। इस अवसर पर मध्यप्रदेश के राज्यपाल मंगूभाई पटेल, मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव सहित प्रदेश के कई मंत्रियों की भी उपस्थिति प्रस्तावित है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के संभावित आगमन को देखते हुए जिला प्रशासन और अधिकारी अलर्ट मोड में हैं। प्रशासनिक एवं सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा लगातार की जा रही है। विशेष रूप से ओंकारेश्वर क्षेत्र में अधिकारियों ने तैयारियों का जायजा ले रहे है।
प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी है
हालांकि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के दौर की आधिकारिक पुष्टि अभी शेष है, लेकिन संभावित कार्यक्रमों को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के साथ ही राज्यपाल मंगूभाई पटेल, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सहित प्रदेश के कई मंत्रियों की उपस्थिति भी संभावित होने के चलते प्रशासन ने कार्यक्रमों की तैयारियों को लेकर कमर कस ली है और राष्ट्रपति के स्वागत-सत्कार के लिए प्रोटोकॉल के अनुसार तैयारी की जा रही है।
खंडवा आएंगी महामहिम
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 18 और 19 को खंडवा में रहेंगी। 18 जून को वे ओंकारेश्वर जाकर ज्योतिर्लिंग के दर्शन और पूजा करेंगी। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 19 जून को सिकल सेल के कार्यक्रम में शामिल होंगी। इस कार्यक्रम में मध्यप्रदेश के राज्यपाल मंगू भाई पटेल भी मौजूद रहेंगे।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के दो दिवसीय दौरे को देखते हुए खंडवा जिला प्रशासन सक्रिय
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के दो दिवसीय दौरे को देखते हुए खंडवा जिला प्रशासन सक्रिय हो उठा है। वरिष्ठ प्रशासिनक अधिकारियों ने खासतौर पर ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग में तैयारियां शुरु कर दी हैं।
जबलपुर में 21 जून को योग कार्यक्रम में भी राष्ट्रपति के शामिल होने की बात
इस बीच मध्यप्रदेश के जबलपुर में 21 जून को आयोजित होने वाले अंतरराष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम में भी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के शामिल होने की बात कही जा रही है। उनके प्रस्तावित दौरे को लेकर प्रशासनिक तैयारियां तेज हो गई हैं। राष्ट्रपति के संभावित आगमन को देखते हुए जिला प्रशासन सक्रिय हो गया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के कार्यक्रम की रूपरेखा बनाई जा रही है वहीं उनकी सुरक्षा व्यवस्था का भी लगातार जायजा लिया जा रहा है।
राष्ट्रपति के दौरे की अभी आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं लेकिन तैयारियां शुरू
शिक्षा विभाग के इस कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के साथ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और प्रदेश के कई मंत्री भी मौजूद रहेंगे। हालांकि राष्ट्रपति के दौरे की अभी आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं हुई है लेकिन जिला प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। कार्यक्रम में स्कूली बच्चों के भी शामिल होने की संभावना है।
चीतों को बाड़े से जंगल में कर सकती हैं मुक्त
सूत्रों के अनुसार कूनो में राष्ट्रपति का लगभग 45 मिनट का औपचारिक कार्यक्रम निर्धारित किया गया है। इस दौरान कूनो में बोत्सवाना से लाए गए शेष चीतों को खुले जंगल में छोड़ने की प्रक्रिया भी राष्ट्रपति के हाथों कराई जा सकती है। हालांकि इस संबंध में अंतिम निर्णय कार्यक्रम की रूपरेखा के अनुसार लिया जाएगा।कूनो चीता परियोजना से राष्ट्रपति का विशेष जुड़ाव भी माना जा रहा है। दरअसल, जब बोत्सवाना से भारत भेजे जाने वाले चीतों का चयन किया गया था, तब उन्हें प्रतीकात्मक रूप से राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को ही सौंपा गया था। ऐसे में यदि चीतों की रिहाई कार्यक्रम का हिस्सा बनती है, तो यह परियोजना के लिए एक महत्वपूर्ण और प्रतीकात्मक अवसर होगा।राष्ट्रपति के प्रस्तावित दौरे को देखते हुए प्रशासन और वन विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। सुरक्षा व्यवस्था से लेकर कार्यक्रम स्थल और पार्क प्रबंधन तक सभी व्यवस्थाओं की समीक्षा की जा रही है।
पूर्व में राष्ट्रपति आर. वेंकटरामन आ चुके हैं ओंकारेश्वर
तीर्थस्थली ओंकारेश्वर में भगवान ओंकारेश्वर-ममलेश्वर के दर्शन वर्ष 1989 में राष्ट्रपति आर वेंकटरामन कर चुके है। वे भगवान आदिगुरू शंकराचार्य के गुरू गोविंदपदाचार्य की गुफा के जीर्णोद्धार कार्यक्रम में आए थे। इस दौरान भगवान ओंकारेश्वर-ममलेश्वर के उन्होने दर्शन किए थे। वहीं पूर्व राष्ट्रपति के रूप में व्यक्तिगत रूप से डा. शंकरदयाल शर्मा और प्रतिभा देवीसिंह पाटिल भी ओंकारेश्वर आ चुके हैं।





