मुंबई
शेयर बाजार में मंगलवार को भी तेज गिरावट देखने को मिली है. मार्केट के दोनों इंडेक्स सोमवार को क्रैश होने के बाद सप्ताह के दूसरे कारोबारी दिन भी धड़ाम नजर आए. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 700 अंक से ज्यादा की गिरावट लेकर कारोबार करता दिखा, तो वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी इंडेक्स भी 160 अंक से ज्यादा फिसलकर ट्रेड कर रहा था. सबसे ज्यादा गिरावट Infosys, Tech Mahindra, TCS समेत अन्य टेक कंपनियों के शेयरों में देखने को मिली।
मिडिल ईस्ट टेंशन के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सोना न खरीदने और पेट्रोल-डीजल का सीमित इस्तेमाल करने की अपील के बाद लगातार दूसरे दिन शेयर बाजार में डर देखने को मिला. PM Modi ने 24 घंटे में अपनी इस अपील को दोहराया भी।
बिखरते चले गए सेंसेक्स-निफ्टी
कारोबार की शुरुआत होने पर बीएसई का सेंसेक्स अपने पिछले बंद 76,015 के लेवल से तेज गिरावट लेकर 75,688 के लेवल पर खुला और फिर कुछ ही देर में इसकी गिरावट और तेज होती चली गई. महज 5 मिनट के कारोबार के दौरान ही BSE Sensex 723 अंक से ज्यादा टूटकर 75,291 के लेवल पर लुढ़क गया।
न सिर्फ सेंसेक्स, बल्कि NSE Nifty भी रेड जोन में खुलने के साथ देखते ही देखते बिखर गया. ये 50 शेयरों वाला इंडेक्स अपने पिछले बंद 23,815 की तुलना में गिरकर 23,722 पर खुला और फिर सेंसेक्स के कदम से कदम मिलाकर चलते हुए 23,633 तक फिसल गया।
IT कंपनियों के शेयर क्रैश
शेयर मार्केट में तेज गिरावट के बीच सबसे ज्यादा नुकसान में आईटी कंपनियां नजर आईं. बीएसई लार्जकैप पर नजर डालें, तो इसमें शामिल TCS Share (3.61%), Infosys Share (3.30%), Tech Mahindra Share (2.80%), HCL Tech Share (2.30%) फिसलकर ट्रेड कर रहे थे. इसके अलावा अन्य गिरावट वाले स्टॉक्स पर नजर डालें, तो मिडकैप में शामिल UPL Share (4.10%), Hindustan petroleum Share (3.60%), Coforge Share (3%) गिरावट के साथ कारोबार कर रहा था।
इस डर का PM Modi कनेक्शन!
शेयर बाजार में लगातार बड़ी गिरावट आने के पीछे के कारणों की बात करें, तो सबसे ज्यादा खौफ पीएम मोदी द्वारा रविवार को की गई अपील का माना जा सकता है, जिसमें उन्होंने देश के लोगों से एक साल तक सोना न खरीदने के लिए कहा था. इसके साथ ही मिडिल ईस्ट युद्ध और होर्मुज टेंशन का जिक्र करते हुए पेट्रोल-डीजल की सेविंग करने का आग्रह किया था।
PM Narendra Modi ने एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा था कि हमारे पड़ोस में जंग चल रही है, जिसका असर पूरी दुनिया समेत भारत पर भी पड़ रहा है. उन्होंने लोगों से अपील की कि वे एक साल तक सोना न खरीदें और ईंधन की बचत पर ध्यान दें।
सिर्फ यही एक कारण नहीं है Stock Market Crash होने का, बल्कि अमेरिका और ईरान में तनातनी के चलते होर्मुज स्ट्रेट पर टेंशन बरकरार है. इसका असर अंतरराष्ट्रीय मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों में दिख रहा है. Brent Crude Oil Price 105 डॉलर प्रति बैरल के पार बना हुआ है और महंगाई के जोखिम ने शेयर बाजार पर दबाव बनाया है।







