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स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल की मौजूदगी में समाधान शिविर में सैकड़ों मुद्दों का तुरंत निवारण

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संवाद से संपूर्ण समाधान शिविर बना जनविश्वास का केंद्र, स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल की मौजूदगी में सैकड़ों समस्याओं का त्वरित निराकरण

मनेन्द्रगढ़/एमसीबी

छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी पहल “सुशासन तिहार 2026” के अंतर्गत विकासखंड खड़गवां के ग्राम मझौली में आयोजित “गांव-गांव, द्वार-द्वार सुशासन तिहार जनसमस्या निवारण शिविर संवाद से संपूर्ण समाधान कार्यक्रम में जनसैलाब उमड़ पड़ा। प्रशासन और जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित करने वाले इस विशाल शिविर में ग्रामीणों की समस्याओं का मौके पर ही निराकरण कर शासन ने संवेदनशील और जवाबदेह प्रशासन की मिसाल पेश की।

ग्राम पंचायत अखराडांड, बरमपुर, मझौली, भूकभूकी, दुबछोला, ठग्गांव, दुग्गी, सिंघत, खड़गवां और पोडीडीह सहित कुल 10 ग्राम पंचायतों को शामिल करते हुए आयोजित इस शिविर में सुबह से ही बड़ी संख्या में ग्रामीण अपनी समस्याएं और आवेदन लेकर पहुंचे। शिविर ने “समाधान आपके द्वार” की अवधारणा को साकार करते हुए लोगों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत दिलाई।
कार्यक्रम का शुभारंभ स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, जिला पंचायत सदस्य प्रिया मसराम, जनपद सदस्य श्यामबाई मरकाम, उपाध्यक्ष बीरेन्द्र सिंह करियाम, जनपद सदस्य इंद्रावती सिंह, धर्मपाल सिंह, सोनमती उर्रे सहित जनप्रतिनिधियों द्वारा छत्तीसगढ़ महतारी के छायाचित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया गया। शुभारंभ के साथ ही पूरे शिविर परिसर में उत्साह, जनभागीदारी और भरोसे का वातावरण देखने को मिला।

शिविर में एसडीएम विज्येन्द्र सारथी, जनपद सीईओ हेमंत बंजारे, तहसीलदार सिद्धि गबेल, सीपीएस दीपिका मिंज, सीएचएमओ अविनाश खरे सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। अधिकारियों की सक्रिय भागीदारी ने यह संदेश दिया कि शासन अब जनता की समस्याओं के समाधान के लिए गांव-गांव पहुंच रहा है।

शिविर स्थल पर स्वास्थ्य, राजस्व, ग्रामीण यांत्रिकी, समाज कल्याण, कृषि, उद्यानिकी, वन, खाद्य, पुलिस, बिजली, लोक निर्माण, आयुष्मान कार्ड, महिला एवं बाल विकास, पशु चिकित्सा, पेयजल, बैंकिंग सेवाएं, आधार सेवा, मनरेगा और सामाजिक सुरक्षा सहित विभिन्न विभागों के आकर्षक एवं सुव्यवस्थित स्टॉल लगाए गए थे। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने सभी स्टॉलों का निरीक्षण कर अधिकारियों को आमजन की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

कार्यक्रम के दौरान सामाजिक संवेदनशीलता की झलक भी देखने को मिली, जब जनप्रतिनिधियों द्वारा गर्भवती महिलाओं बबीता, कदम कुंवर, रजंती, रोशनी, पप्पी, ममता, मानसी, सविता और उर्मिला की गोद भराई की रस्म संपन्न कराई गई। इससे शिविर केवल प्रशासनिक आयोजन न रहकर सामाजिक सरोकार का भी केंद्र बन गया।

जनसमस्या निवारण शिविर में कुल 392 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए। स्वास्थ्य मंत्री द्वारा छह हितग्राहियों को राशन कार्ड, आठ हितग्राहियों को वन अधिकार पट्टा, पांच लोगों को जाति प्रमाण पत्र, अठारह किसानों को किसान किताब, पांच हितग्राहियों को आवास की चाबी, पांच लोगों को आयुष्मान कार्ड तथा सात लोगों को नवीन जॉब कार्ड वितरित किए गए। इसके अलावा दो क्षय रोगियों को फूड बास्केट भी प्रदान किया गया। कई आवेदनों का मौके पर ही निराकरण कर ग्रामीणों को तत्काल राहत दी गई, जबकि शेष आवेदनों को समय-सीमा में समाधान हेतु संबंधित विभागों को सौंपा गया।

अपने संबोधन में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में सुशासन की नई संस्कृति विकसित हुई है। उन्होंने कहा कि अब सरकार केवल दफ्तरों तक सीमित नहीं है, बल्कि गांव-गांव पहुंचकर लोगों की समस्याएं सुन रही है और मौके पर समाधान कर रही है। उन्होंने “सुशासन तिहार 2026” को जनहित, जवाबदेही और संवेदनशील प्रशासन की मिसाल बताते हुए कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार गरीबों, किसानों, मजदूरों, महिलाओं, युवाओं और आदिवासी समाज के उत्थान के लिए लगातार ऐतिहासिक फैसले ले रही है। स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क, पेयजल, राशन, आवास और सामाजिक सुरक्षा जैसी मूलभूत सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में प्रभावी कार्य किए जा रहे हैं। विशेष रूप से स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने और आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने पर सरकार विशेष ध्यान दे रही है।

स्वास्थ्य मंत्री ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सरल व्यक्तित्व, संवेदनशील कार्यशैली और जनसेवा के प्रति समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में छत्तीसगढ़ आने वाले समय में सुशासन और विकास का आदर्श राज्य बनकर उभरेगा।
कार्यक्रम के अंत में अनुविभागीय अधिकारी राजस्व विज्येन्द्र सारथी ने बताया कि शिविर में प्राप्त 392 से अधिक आवेदनों में से कई का मौके पर ही निराकरण कर हितग्राहियों को राहत प्रदान की गई है, जबकि शेष लंबित मामलों के त्वरित समाधान के लिए संबंधित विभागों को निर्देशित किया गया है। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप प्रत्येक आवेदन का गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा।

कार्यक्रम में हृदय सिंह, रमेश जायसवाल, अशोक खरे, शंकर प्रताप गुप्ता, रामलाल साहू, हरबंस साहू, सतेन्द्र साहू, मनोज साहू, अंगद, सरपंच सुश्री जया सिंह मरावी, श्रीमती तुला, कुन्ती सिंह, सोनिया सिंह, सुनीता, रामबाई, संत कुमार सिंह, सुखीत लाल अगरिया, हरि सिंह, सचिव श्रीमती सुन्दर लली, उर्मिला, यशोदा, अनुराग दुबे, अशोक पाण्डेय, सीता सिंह सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

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