Home मध्य प्रदेश सोने के साथ अब कटनी के बड़वारा में डोलोमाइट के भंडार-ब्लॉक्स आरक्षित

सोने के साथ अब कटनी के बड़वारा में डोलोमाइट के भंडार-ब्लॉक्स आरक्षित

8
0

भोपाल

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश का कटनी जिला देश के महत्वपूर्ण खनिज एवं औद्योगिक केंद्रों में अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित कर रहा है। चूना पत्थर, बॉक्साइट, लौह अयस्क, मार्बल और लेटराइट जैसे बहुमूल्य खनिजों से समृद्ध कटनी अब स्वर्ण अयस्क के साथ ही डोलोमाइट के विशाल भंडार खनन के लिये तैयार हैं। कटनी के बड़ेरा एवं बचरबाड़ा में 50 हैक्टेयर से अधिक क्षेत्र में तीन बड़े डोलोमाइट ब्लॉक्स को माइनिंग कॉर्पोरेशन के पक्ष में आरक्षित किया गया है। इस निर्णय से कटनी में खनिज आधारित उद्योगों के विस्तार को नई गति मिलेगी। इससे स्थानीय युवाओं को रोजगार के व्यापक अवसर उपलब्ध होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहाकि अब कटनी ‘माइनिंग कैपिटल’ के रूप में तेजी से विकसित हो रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि कटनी केवल ‘चूना नगरी’ तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह खनिज आधारित औद्योगिक विकास, निवेश, रोजगार और आधुनिक खनन प्रबंधन का राष्ट्रीय मॉडल बनेगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार खनिज संपदा के वैज्ञानिक, पारदर्शी और जनहितकारी उपयोग के माध्यम से प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कटनी को ‘कनकपुरी’ अर्थात ‘स्वर्ण नगरी’ के रूप में विकसित करने की परिकल्पना को विशेष महत्व दिया है। उन्होंने कहा कि कटनी की धरती केवल खनिज संपदा का भंडार नहीं, बल्कि मध्यप्रदेश की औद्योगिक प्रगति और आर्थिक शक्ति का नया आधार बन रही है। कटनी की स्लीमनाबाद तहसील के इमलिया गांव, जिसे स्थानीय स्तर पर “सुनाही” के नाम से भी जाना जाता है। यहॉ पर लगभग 3.35 लाख टन से अधिक स्वर्ण अयस्क मिलने का अनुमान व्यक्त किया गया है। यह खोज लगभग 50 वर्षों की लंबी भू-वैज्ञानिक प्रक्रिया और सर्वेक्षण के बाद की गई है। वर्ष 1974 में प्रारंभ हुए भू-वैज्ञानिक सर्वेक्षणों के आधार पर इस क्षेत्र में स्वर्ण भंडार की संभावना व्यक्त की गई थी, जिसे अब वर्ष 2025-26 में अंतिम रूप दिया गया है।

सोने के साथ तांबा, जिंक, लेड और चांदी के भंडार

इमलिया क्षेत्र में केवल सोना ही नहीं, बल्कि तांबा, लेड, जिंक और चांदी जैसे बहुमूल्य खनिजों के भंडार भी पाए गए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह खोज कटनी को देश के प्रमुख बहु-खनिज क्षेत्रों में स्थापित करेगी। इन खनिज संसाधनों का उपयोग प्रदेश की औद्योगिक और आर्थिक क्षमता को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

50 वर्ष के लिए हुआ खनन समझौता

स्वर्ण अयस्क क्षेत्र के विकास के लिए मुंबई की ‘प्रॉस्पेक्ट रिसोर्स मिनरल प्राइवेट लिमिटेड’ कंपनी ने 121 करोड़ रूपये से अधिक की बोली लगाकर 50 वर्षों के लिए खनन लीज प्राप्त की है। लगभग 6.5 हैक्टेयर क्षेत्र में खनन गतिविधियाँ संचालित की जाएंगी। इससे क्षेत्र में बड़े पैमाने पर निवेश, औद्योगिक गतिविधियाँ और रोजगार के अवसर बढ़ने की संभावना है। राज्य सरकार का उद्देश्य केवल खनिज उत्खनन तक सीमित नहीं है, बल्कि स्थानीय स्तर पर खनिज आधारित उद्योगों की स्थापना, वैल्यू एडिशन और रोजगार सृजन सुनिश्चित करना भी है।

माइनिंग कॉन्क्लेव 2.0 से मिला वैश्विक निवेश

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में अगस्त 2025 में आयोजित ‘माइनिंग कॉन्क्लेव 2.0’ ने कटनी को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय निवेश मानचित्र पर नई पहचान दिलाई। कॉन्क्लेव में 56 हजार 414 करोड़ रूपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रमुख उद्योग समूहों और निवेशकों के साथ वन-टू-वन चर्चा कर कटनी की खनिज क्षमता और औद्योगिक संभावनाओं को विस्तार से प्रस्तुत किया था। कॉन्क्लेव में 8 बड़ी कंपनियों ने निवेश में रुचि दिखाई थी। इन निवेश प्रस्तावों से सीमेंट, मिनरल प्रोसेसिंग, ऊर्जा, धातु प्रसंस्करण और निर्माण क्षेत्र में बड़े स्तर पर औद्योगिक विस्तार होने की संभावना है। इससे हजारों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार अवसर सृजित होंगे।

नवाचार और सुशासन से राजस्व में वृद्धि

कटनी जिला प्रशासन की सक्रियता, तकनीक आधारित निगरानी और बेहतर खनन प्रबंधन के कारण कटनी के खनिज राजस्व में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। पूर्व में जहां जिले की औसत वार्षिक खनिज आय लगभग 100 करोड़ रूपये थी, वहीं अब यह बढ़कर 160 करोड़ रूपये से अधिक हो गई है। नई खदानों और औद्योगिक इकाइयों के प्रारंभ होने से आने वाले वर्षों में राजस्व में और वृद्धि की संभावना है। राज्य सरकार का लक्ष्य केवल राजस्व वृद्धि नहीं, बल्कि खनिज संपदा से समग्र क्षेत्रीय विकास सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि औद्योगिक निवेश के साथ सड़क, बिजली, जल, परिवहन और अन्य आधारभूत सुविधाओं का भी तेजी से विस्तार किया जा रहा है।

तकनीक से अवैध खनन पर प्रभावी नियंत्रण

राज्य सरकार ने कटनी में पारदर्शी और व्यवस्थित खनन व्यवस्था स्थापित करने के लिए आधुनिक तकनीकों का उपयोग बढ़ाया है। बड़वारा रोड पर स्थापित ई-चेक गेट के माध्यम से खनिज परिवहन करने वाले वाहनों के दस्तावेजों की ऑनलाइन जांच की जा रही है। माइनिंग सर्विलांस सिस्टम के जरिए अवैध उत्खनन और अवैध परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया गया है। प्रशासन द्वारा लंबित प्रकरणों का समय-सीमा में निराकरण कर वैधानिक खनन गतिविधियों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। पारदर्शिता, तकनीक और सुशासन के माध्यम से खनन क्षेत्र में नई कार्य संस्कृति विकसित की जा रही है।

रोजगार और क्षेत्रीय विकास को मिलेगा नया आयाम

कटनी में खनिज आधारित उद्योगों के विस्तार से स्थानीय युवाओं, आदिवासी समुदायों और श्रमिकों के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे। सरकार का प्रयास है कि औद्योगिक विकास का लाभ सीधे स्थानीय नागरिकों तक पहुंचे और आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के निर्माण को नई गति मिले। कटनी आज प्रदेश की औद्योगिक शक्ति, प्राकृतिक संपदा और विकास दृष्टि का प्रतीक बनकर उभर रहा है। “स्वर्ण नगरी” और “माइनिंग कैपिटल” की अवधारणा के साथ कटनी आने वाले समय में न केवल मध्यप्रदेश बल्कि पूरे देश के प्रमुख खनिज और औद्योगिक केंद्र के रूप में अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित करेगा।

 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here