शासकीय भूमि पर पेड़ों की अंधाधुंध कटाई, सरपंच–उपसरपंच पर मिलीभगत के गंभीर आरोप

    18
    0

     बिलासपुर
    सकरी से लगे ग्राम पंचायत जोकि में शासकीय भूमि पर लगे पेड़ों की अंधाधुंध कटाई का मामला सामने आया है, जिससे पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। ग्रामीणों ने इस मामले में सरपंच और उप सरपंच पर मिलीभगत का आरोप लगाते हुए गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

    ग्रामीणों के अनुसार, गांव की शासकीय भूमि पर वर्षों से खड़े बबूल के  हरे-भरे पेड़ों को बिना किसी वैधानिक अनुमति के तेजी से काटा जा रहा है। आरोप है कि यह कार्य रात के अंधेरे में या फिर प्रशासन की नजरों से बचते हुए किया जा रहा है, जिससे पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंच रहा है।

    स्थानीय लोगों का कहना है कि पेड़ों की कटाई के पीछे ग्राम पंचायत के जिम्मेदार पदाधिकारियों की भूमिका संदिग्ध है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सरपंच और उप सरपंच की सहमति और संरक्षण में यह अवैध कार्य जारी है। कई ग्रामीणों ने बताया कि जब उन्होंने इसका विरोध किया तो उन्हें अनदेखा कर दिया गया।

    इस अवैध कटाई से न केवल पर्यावरण संतुलन बिगड़ने का खतरा बढ़ गया है, बल्कि गांव में गर्मी और जल संकट जैसी समस्याएं भी गहराने की आशंका जताई जा रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

    ग्रामवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस पर रोक नहीं लगाई गई, तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होंगे।
    , इस पूरे मामले में प्रशासन की ओर से वन विभाग द्वारा करवाही कर ट्रैक्टर से भरे बबूल लकड़ी को जप्त कर लिया गया है और दोषियों के ऊपर कड़ी कार्रवाई की की आश्वासन दिया गया है देखते है राजस्व विभाग के अधिकारी क्या करवाही करते है

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here