अर्बन चैलेंज फंड कॉन्क्लेव में CM साय का बयान, शहरों का सीवरेज सिस्टम सुधारने की जरूरत

रायपुर.
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि राज्य सरकार शहरों के सुनियोजित और आधुनिक विकास को प्राथमिकता दे रही है। शहरों में सीवरेज सिस्टम दुरुस्त करने, जल निकासी की व्यवस्था सुधारने, बिजली के तारों को भूमिगत करने और पेयजल की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि बारिश के दौरान जलभराव के कारण कई जगहों पर ऐसी स्थिति बन जाती है कि जहां वाहनों को चलना चाहिए, वहां नाव चलाने की नौबत आ जाती है। इस स्थिति को बदलने के लिए शहरी बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करना आवश्यक है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय रायपुर में आयोजित अर्बन चैलेंज फंड कॉन्क्लेव को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि शहरों के सुनियोजित विकास को लेकर दो एमओयू किए गए हैं। इन समझौतों से राज्य को केवल आर्थिक सहायता ही नहीं मिलेगी, बल्कि तकनीकी सहयोग और विशेषज्ञों के सुझाव भी प्राप्त होंगे। इससे शहरों की मौजूदा समस्याओं का समाधान करने और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप विकास योजनाएं तैयार करने में मदद मिलेगी। सीएम ने कहा, प्रदेश के सभी क्षेत्रों में लगातार विकास कार्य हो रहे हैं। शहरी क्षेत्रों में बारिश के दौरान सीवरेज सिस्टम दुरुस्त नहीं होने के कारण जलभराव की स्थिति बनती है। महापौर और नगरीय निकाय इस दिशा में काम करेंगे, ताकि आने वाले दिनों में ऐसी समस्याओं का सामना न करना पड़े। बिजली के तारों को भी भूमिगत कराया जाएगा, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा कम हो सके।
2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य में शहरों की अहम भूमिका
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का लक्ष्य वर्ष 2047 तक विकसित भारत का निर्माण करना है। इस लक्ष्य को हासिल करने में शहरों का व्यवस्थित, आधुनिक और टिकाऊ विकास महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। छत्तीसगढ़ सरकार का संकल्प राज्य की जीडीपी को 6 लाख करोड़ रुपये से बढ़ाकर 75 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचाना है। इसके लिए आर्थिक विकास के साथ शहरी अधोसंरचना को मजबूत करना भी जरूरी है। सीएम ने कहा कि राज्य सरकार मुख्यमंत्री शहर समृद्धि योजना और नगरोत्थान योजना के माध्यम से भी शहरी विकास के लिए काम कर रही है। अब केंद्र सरकार द्वारा अर्बन चैलेंज फंड की व्यवस्था किए जाने से शहरों के विकास के लिए नए अवसर उपलब्ध होंगे। इस फंड के जरिए शहरों में विकास की संभावनाओं, वर्तमान व्यवस्थाओं और भविष्य की आवश्यकताओं पर व्यापक चर्चा की जाएगी।
सीवरेज, जल निकासी और बिजली व्यवस्था में सुधार पर जोर
मुख्यमंत्री साय ने शहरों की बुनियादी समस्याओं का उल्लेख करते हुए कहा कि सभी शहरों में सीवरेज सिस्टम को दुरुस्त किया जाना चाहिए। बारिश के दौरान जलभराव की समस्या आम जनजीवन और यातायात को प्रभावित करती है। इससे निपटने के लिए बेहतर ड्रेनेज सिस्टम विकसित करना जरूरी है। उन्होंने शहरों में बिजली के तारों को व्यवस्थित करने और संभव हो तो उन्हें भूमिगत करने की दिशा में काम करने पर भी जोर दिया। साथ ही नागरिकों को पर्याप्त और नियमित पेयजल उपलब्ध कराने के लिए प्रभावी व्यवस्था विकसित करने की आवश्यकता बताई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शहरों को बेहतर ढंग से व्यवस्थित करना और उनका विकास करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। योजनाओं का उद्देश्य केवल निर्माण कार्य कराना नहीं, बल्कि नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना और शहरों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करना होना चाहिए।
नक्सलवाद खत्म होने के बाद विकास को मिलेगी गति
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि नक्सलवाद प्रदेश के विकास में बड़ी बाधा रहा है। अब इसके खात्मे के बाद राज्य में विकास कार्यों को और गति देने की जरूरत है। उन्होंने उम्मीद जताई कि रायपुर में आयोजित यह कार्यशाला छत्तीसगढ़ के शहरों के सुनियोजित और आधुनिक विकास की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वय, तकनीकी सहयोग तथा उपलब्ध वित्तीय संसाधनों के बेहतर उपयोग से शहरों की बुनियादी सुविधाओं में सुधार किया जा सकता है। इससे नागरिकों को बेहतर जीवन स्तर मिलेगा और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का लक्ष्य हासिल करने में मदद मिलेगी।
छत्तीसगढ़ दौरे पर आएंगी राष्ट्रपति मुर्मू
सीएम साय ने कहा, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने छत्तीसगढ़ आने का आमंत्रण स्वीकार कर लिया है। वे 22 और 23 तारीख को छत्तीसगढ़ में रहेंगी। इस दौरान मूरिया दरबार में शामिल होने के साथ ही जनता को संबोधित भी करेंगी। उन्होंने कहा, नरेंद्र मोदी पिछले 12 वर्षों से प्रधानमंत्री के रूप में काम कर रहे हैं। गुजरात में उनके कार्यकाल के विकास कार्यों के कारण गुजरात मॉडल देशभर में विख्यात हुआ, वे 140 करोड़ देशवासियों के विकास के लिए दिन-रात चिंतित रहते हैं। प्रधानमंत्री ने सही कहा है कि व्यर्थ की बातों में पड़ने के बजाय वास्तविकता पर ध्यान देना चाहिए।





