सुरक्षा के मद्देनजर बड़ा फैसला, गरियाबंद जेल के आसपास ड्रोन उड़ाना हुआ प्रतिबंधित

गरियाबंद.
बंदियों की सुरक्षा को खतरा देखते हुए गरियाबंद जिला प्रशासन ने जिला जेल के 200 मीटर की परिधि को ‘नो ड्रोन फ्लाई जोन’ घोषित किया है. कलेक्टर भगवान सिंह उइके के धारा 188 लागू करने के साथ ही अब कोई भी जिला जेल के इर्द-गिर्द ड्रोन नहीं उड़ा सकता है. जिला प्रशासन ने बंदियों की सुरक्षा, संवेदनशीलता और कानून व्यवस्था के लिहाज से यह आदेश जारी किया है.
अंबिकापुर की केंद्रीय जेल के ऊपर भी नहीं उड़ेंगे ड्रोन
अंबिकापुर. केंद्रीय जेल अंबिकापुर की सुरक्षा को और अधिक मजबूत बनाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने जेल परिसर के आसपास 100 मीटर के दायरे को रेड जोन घोषित कर दिया है। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी अजीत वसंत ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत यह आदेश जारी किया है। जारी आदेश के अनुसार केंद्रीय जेल की मुख्य परिधि से 100 मीटर के दायरे में किसी भी प्रकार के ड्रोन, गुब्बारे या अन्य हवाई उपकरणों के उड़ान संचालन पर पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। इसके साथ ही इस क्षेत्र में हवाई फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी की अनुमति भी नहीं होगी।
प्रतिबंधित सामग्री पहुंचाने की आशंका के चलते फैसला
प्रशासन का मानना है कि आधुनिक तकनीक का दुरुपयोग कर कुछ असामाजिक तत्व ड्रोन के माध्यम से जेल परिसर तक प्रतिबंधित सामग्री पहुंचाने की कोशिश कर सकते है। इसी आशंका को देखते हुए यह सख्त कदम उठाया गया है, ताकि जेल की सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी प्रकार की चूक न हो।
उल्लंघन करने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आदेश का उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 223 सहित अन्य प्रासंगिक कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी।
सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम
जिला प्रशासन के इस फैसले को केंद्रीय जेल अंबिकापुर की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में भी सुरक्षा से जुड़े मामलों में आवश्यकतानुसार कड़े निर्णय लिए जाएंगे।





