नई दिल्ली
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में आज बुनियादी ढांचे और कृषि क्षेत्र के लिए क्रांतिकारी फैसलों को मंजूरी दी गई है. केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बताया कि सरकार ने अहमदाबाद (सरखेज) से धोलेरा के बीच देश की पहली स्वदेशी सेमी हाई-स्पीड डबल लाइन रेल परियोजना को हरी झंडी दे दी है. करीब 20,667 करोड़ रुपये की लागत वाला यह प्रोजेक्ट न केवल सफर की रफ्तार बढ़ाएगा, बल्कि धोलेरा को भविष्य के सेमीकंडक्टर हब के रूप में स्थापित करने में मील का पत्थर साबित होगा।
धोलेरा रेल प्रोजेक्ट से कैसे बदलेगी गुजरात की तस्वीर?
यह 134 किलोमीटर लंबी रेल लाइन गुजरात के अहमदाबाद जिले के 284 गांवों को सीधे जोड़ेगी. इससे करीब 5 लाख लोगों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी. यह प्रोजेक्ट आने वाले धोलेरा एयरपोर्ट और लोथल मैरीटाइम कॉम्प्लेक्स को भी जोड़ेगा. सबसे खास बात यह है कि यह पूरी तरह स्वदेशी तकनीक से तैयार होगा. इससे न केवल समय की बचत होगी, बल्कि हर साल 0.48 करोड़ लीटर तेल की बचत भी होगी, जो पर्यावरण के लिए 10 लाख पेड़ लगाने जैसा होगा।
किसानों के लिए MSP में कितना हुआ इजाफा?
सरकार ने साल 2026-27 के लिए खरीफ फसलों की न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) को मंजूरी दे दी है. कृषि लागत एवं मूल्य आयोग की सिफारिशों पर आधारित यह MSP उत्पादन लागत से कम से कम 50% अधिक रखी गई है।
कैबिनेट ने 2026-27 सीजन के लिए खरीफ फसलों के MSP को मंजूरी दी.
सरकार को उम्मीद है कि इससे किसानों को करीब 2.60 लाख करोड़ रुपये का भुगतान होगा. 824.41 लाख मीट्रिक टन खरीद का लक्ष्य रखा गया है, जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती देगा।
कोयला गैसीकरण और नागपुर एयरपोर्ट पर क्या है प्लान?
कैबिनेट ने कोयला गैसीकरण परियोजनाओं को बढ़ावा देने के लिए 37,500 करोड़ रुपये के वित्तीय परिव्यय वाली योजना को मंजूरी दी है. अश्विनी वैष्णव ने कहा कि भारत के पास 200 साल का कोयला भंडार है, जिसका उपयोग अब गैस बनाने में होगा. इसमें 3 लाख करोड़ रुपये का निवेश होगा. इसके अलावा, नागपुर एयरपोर्ट को अब पीपीपी मॉडल के तहत इंटरनेशनल स्तर पर विकसित किया जाएगा, जिससे विदर्भ क्षेत्र में पर्यटन और व्यापार को बढ़ावा मिलेगा।







