Home विदेश ईरान-अमेरिका वार्ता ठप, पाकिस्तान निभा रहा मध्यस्थ की भूमिका

ईरान-अमेरिका वार्ता ठप, पाकिस्तान निभा रहा मध्यस्थ की भूमिका

18
0

वाशिंगटन

अमेरिका के साथ उच्च स्तरीय शांति वार्ता ठप पड़ने के बीच ईरान गंभीर डिजिटल आपातकाल का सामना कर रहा है। फरवरी के अंत में शुरू हुआ देशव्यापी इंटरनेट ब्लैकआउट अब दूसरे महीने में प्रवेश करने वाला है। अंतरराष्ट्रीय निगरानी संस्था नेटब्लॉक्स ने इसे किसी भी संप्रभु देश में लगा अब तक का सबसे लंबा राष्ट्रव्यापी इंटरनेट शटडाउन घोषित किया है। नेटब्लॉक्स के अनुसार, विस्तारित सेंसरशिप के मानवीय और आर्थिक प्रभाव लगातार बढ़ रहे हैं। यह कनेक्टेड समाज में शटडाउन का नया वैश्विक रिकॉर्ड है। बता दें कि ईरानी शासन ने अमेरिका और इजरायल के सैन्य हमलों के तुरंत बाद फरवरी के अंत में यह ब्लैकआउट लागू किया था। इसके बाद से देश की 9 करोड़ से अधिक जनता पर बाहरी डिजिटल पहुंच लगभग पूरी तरह प्रतिबंधित कर दी गई है। यह कार्रवाई जनवरी में सरकार विरोधी प्रदर्शनों के दौरान लगाए गए लंबे इंटरनेट शटडाउन की तर्ज पर की गई है।

नेटब्लॉक्स की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान में पिछले 57 दिनों से इंटरनेट पूरी तरह बंद है। इससे पहले का रिकॉर्ड सूडान के नाम था, जहां 2021 में करीब 35-36 दिन इंटरनेट बंद रहा था। म्यांमार और एथियोपिया में कुछ क्षेत्रों में इंटरनेट महीनों तक बंद रहा, लेकिन पूरे देश स्तर पर लगातार और एकसाथ शटडाउन के मामले में ईरान अब दुनिया में नंबर एक पर है। ईरान का अपना पुराना रिकॉर्ड 2019 का था, जब केवल सात दिनों के लिए इंटरनेट बंद किया गया था। इस बार का ब्लैकआउट उससे कहीं अधिक गंभीर और लंबा साबित हो रहा है। दूसरी ओर विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह शटडाउन और लंबा चला तो ईरान की अर्थव्यवस्था और सामाजिक ढांचे पर और गंभीर असर पड़ सकता है।

ईरान ने एकता का संदेश दिया, ट्रंप के दावों को खारिज किया
गौरतलब है कि ईरान में पूर्ण इंटरनेट बंदी का दूसरा महीना समाप्त होने वाला है, लेकिन तेहरान सरकार मजबूत एकता का प्रदर्शन कर रही है। अधिकारियों ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आंतरिक विभाजन और रियायतों के दावों को सिरे से खारिज कर दिया है। ट्रंप ने हाल ही में कहा था कि उन्हें ईरान के साथ समझौता करने की कोई जल्दी नहीं है और बिना सबूत के दावा किया कि ईरानी नेतृत्व विभाजित है। ईरानी अधिकारियों ने इसे खारिज करते हुए सरकारी मीडिया के माध्यम से समन्वित बयान जारी किए हैं। सैन्य, सुरक्षा, न्यायपालिका और सरकारी निकाय अब एकरूप शब्दावली और प्रारूप का इस्तेमाल करते हुए समान संदेश जारी कर रहे हैं। इन संदेशों में सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई के प्रति 'पूर्ण आज्ञापालन' का आह्वान भी किया जा रहा है।

वार्ता स्थगित, पाकिस्तान जारी रखेगा मध्यस्थता
इधर, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची के ओमान दौरे के बाद इस्लामाबाद लौटने की उम्मीद है, हालांकि ईरान-अमेरिका के बीच आमने-सामने की वार्ता फिलहाल स्थगित है। अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, प्रमुख मतभेदों के कारण ईरान सीधी बातचीत के लिए तैयार नहीं है। तेहरान अमेरिकी रुख को 'अतिवादी' बता रहा है और अमेरिकी मांगों को अस्वीकार्य मानता है। पाकिस्तान ने मध्यस्थता जारी रखने की इच्छा जताई है। अराघची के इस्लामाबाद में आगे की बातचीत की संभावना है, जबकि उनका प्रतिनिधिमंडल निर्देश लेने के लिए तेहरान लौट गया है।

शरीफ और पेजेशकियान में 50 मिनट की फोन वार्ता
पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान से फोन पर बात की और शांति प्रयासों पर विस्तार से चर्चा की। दोनों नेताओं ने हालिया राजनयिक संपर्कों की समीक्षा की और समन्वय जारी रखने पर सहमति व्यक्त की। शरीफ ने कहा कि पाकिस्तान संवाद का समर्थन करने और क्षेत्र में स्थायी शांति के लिए सूत्रधार की भूमिका निभाने को तैयार है। पाकिस्तानी प्रधानमंत्री कार्यालय ने बताया कि दोनों नेताओं ने पचास मिनट तक चली सौहार्दपूर्ण बातचीत में क्षेत्रीय स्थिति और शांति-स्थिरता के प्रयासों पर विस्तृत चर्चा की।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here