धार ऐतिहासिक भोजशाला में 61 वें दिन भी जारी रहा एएसआई का सर्वे

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भोजशाला परिसर में 61 वें दिन सर्वे जारी है। खुदाई के दौरान एक सफेद पत्थर मिला है, जिस पर कमल की आकृति है। इसके बाद हिंदू पक्ष के लोगों का भरोसा बढ़ता जा रहा है। हाईकोर्ट की इंदौर पीठ के निर्देश पर भोजशाला परिसर में यह खुदाई चल रही है। सर्वे के दौरान हिंदू पक्ष का प्रतिनिधित्व करने वाले गोपाल शर्मा ने कहा कि भोजशाला मुख्य स्मारक के उत्तरी हिस्से में कमल जैसी छवि वाला एक सफेद पत्थर का स्लैब मिला है।

एएसआई की टीम कर रही जांच

एएसआई उस स्लैब की आयु और अन्य विवरणों के बारे में आगे की जांच के लिए इसे विशेषज्ञों के पास भेजेगा। टीम ने पीछे की तरफ खेत की जमीन पर खुदाई रोक दी थी और अब उन्होंने रविवार को काम फिर से शुरू कर दिया है।

16 फीट अंदर तक खुदाई

वहीं, तीन दीवारनुमा संरचनाओं के पाए जाने के बाद से केंद्रीय हॉल के अंदर खुदाई का काम करीब 16 फीट तक पहुंच गया है। शर्मा ने कहा कि अब विशेषज्ञों का कहना है कि स्मारक के सुरक्षा पहलू को ध्यान में रखते हुए आगे खुदाई संभव नहीं है।

खुदाई में तलवार भी

इसके साथ ही शर्मा ने बताया कि इसके चलते दूसरे छोर से खुदाई शुरू हो गई है। मशीनों की मदद से दीवारों या संभावित तहखाने की आगे की जांच की जाएगी। इससे पहले जब दक्षिण-पश्चिम दिशा में एक गड्ढे से मलबा निकाला जा रहा था, तो वहां काम करने वालों को करीब तीन फीट लंबी तलवार मिली थी, जिसे पुरातत्वविदों ने अपने कब्जे में ले लिया था। साथ ही, जब टीम ने दो खंभों की सफाई की तो उन पर देवी-देवताओं जैसी आकृतियां अंकित दिखाई दीं।

गौरतलब है कि हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस (HFJ) की याचिका पर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बेंच के आदेश पर 22 मार्च को भोजशाला सर्वे शुरू हुआ था। कोर्ट द्वारा दिया गया छह सप्ताह का समय 2 मई को खत्म हो गया। एएसआई ने कोर्ट में स्टेटस रिपोर्ट पेश कर सर्वे पूरा करने के लिए और समय मांगा था। 29 अप्रैल को जस्टिस सुश्रुत अरविंद धर्माधिकारी ने सर्वे पूरा करने के लिए आठ सप्ताह का समय दिए जाने की एएसआई की अर्जी स्वीकार कर ली। आदेश के मुताबिक एएसआई को 4 जुलाई तक फाइनल सर्वे रिपोर्ट पेश करनी होगी।