राज्यसभा सांसद नीरज शेखर ने कहा, सीएए धार्मिक भेदभाव का शिकार लोगों के लिए है

बलिया
 केन्द्र सरकार द्वारा नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) की अधिसूचना जारी होने पर कुछ विपक्षी दलों के विरोधी स्वर पर राज्यसभा सांसद नीरज शेखर ने एतराज जताया है। उन्होंने कहा कि विपक्ष के लोग बताएं कि पाकिस्तान और बांग्लादेश में हिन्दू आबादी क्यों घट गई।

सीएए पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए नीरज शेखर ने कहा कि कानून तो यह पहले ही बन गया था अब लागू कर दिया गया है। मुझे नहीं लगता कि किसी को भी इसका विरोध करना चाहिए। यह किसी की भी नागरिकता छीनने वाला कानून नहीं है। यह उनके लिए है जो अपने देश में धार्मिक भेदभाव का शिकार हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह कौन नहीं जानता कि पाकिस्तान में हिंदुओं के साथ कितना अत्याचार होता है। आखिर उन्हें भारत संरक्षण नहीं देगा तो दुनिया का कौन देश उनके लिए खड़ा होगा। पाकिस्तान और बांग्लादेश से अपना सबकुछ छोड़कर भारत में रह रहे हिंदुओं के लिए बनाए गए और अब लागू किये इस कानून के लिए देश की मोदी सरकार का जितना धन्यवाद किया जाए कम होगा।

शेखर ने कहा कुछ विपक्षी दल इसका विरोध कर रहे हैं। ये विपक्षी दल ये क्यों नहीं बताते कि पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान में हिन्दू आबादी कम कैसे हो गई। लेकिन ये तुष्टीकरण की राजनीति के तहत इस पर चुप हैं। नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में चल रही देश की सरकार सबका साथ और सबका विश्वास के मंत्र के साथ काम कर रही है। किसी के साथ भेदभाव नहीं किया जा रहा है। इसीलिए विपक्षी दलों की राजनीतिक दुकान बंद हो रही है।