योगी सरकार का आदेश अयोध्या आने से पहले वीआईपी जानकारी दें, मोहन यादव मंत्रिमंडल 4 मार्च को रामलला के दर्शन करेगा

भोपाल

अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद अब दर्शन के लिए हर कोई आतुर हैं. पूरे देश भर से रामभक्त भगवान के दर्शनों के लिए पहुंच रहे हैं, ऐसे में दर्शन व्यवस्थाओं में परेशानी आ रही है, जिसे देखते हुए यूपी की योगी सरकार ने कहा है कि अयोध्या आने से पहले वीआईपी जानकारी दें साथ ही बीजेपी शासित राज्यों के मंत्रिमंडल के अयोध्या पहुंचने के लिए शेड्यूल भी तैयार कराया गया है.

अयोध्या में रामलला के दर्शनों की बढ़ती तादाद को देखते हुए मंदिर प्रशासन ने दर्शन का समय बढ़ा दिया है.अब श्रद्धालुओं को रात 10 बजे तक रामलला के दर्शन कराए जा रहे हैं, पहले यह समय शाम 7 बजे तक ही था, वहीं सुबह 7 बजे से 11:30 बजे तक दर्शन हो सकेंगे.

केन्द्रीय कैबिनेट को पीएम का संदेश

इधर अयोध्या में वीआईपी के जाने से व्यवस्थाओं में खलल न हो. इसके लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपनी कैबिनेट को संदेश दिया है कि भीड़ को देखते हुए फरवरी महीने में अयोध्या में रामलला के दर्शन करने से जाने से परहेज करें, ताकि प्रोटोकॉल के चलते आम श्रद्धालुओं को दर्शन करने में समस्या न हो. सभी मंत्री मार्च महीने में दर्शन करें.

किस राज्य को मिली कौन सी तारीख?

व्यवस्था को देखते हुए बीजेपी शासित प्रदेशों के मंत्रिमंडल को रामलला के दर्शनों के लिए अलग-अलग तारीखे निर्धारित की गई हैं. जिसमें सबसे पहले त्रिपुरा कैबिनेट को 31 जनवरी, उत्तर प्रदेश कैबिनेट को एक फरवरी, उत्तराखंड कैबिनेट को 2 फरवरी, महाराष्ट्र कैबिनेट को 5 फरवरी, अरुणाचल कैबिनेट को 6 फरवरी, हरियाणा कैबिनेट को 9 फरवरी, राजस्थान कैबिनेट को 12 फरवरी, गोवा कैबिनेट को 15 फरवरी, असम कैबिनेट को 22 फरवरी, गुजरात कैबिनेट को 24 फरवरी और मध्य प्रदेश कैबिनेट को 4 मार्च की तारीख दी गई है.

बीजेपी शासित राज्यों में सबसे पहले त्रिपुरा के मुख्यमंत्री अपने कैबिनेट के साथ 31 जनवरी को अयोध्या में रामलला के दर्शन करेंगे। इसके पश्चात उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ अपनी पूरी कैबिनेट के साथ 1 फरवरी को रामलला के दर्शन करेगें।

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी 1 फरवरी को रामलला के दर्शन करेगें। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री अपनी कैबिनेट के साथ 5 फरवरी को रामलला के दर्शन करेंगे। हरियाणा के मुख्यमंत्री अपनी कैबिनेट के साथ 9 फरवरी को रामलला के दर्शन करेंगे। राजस्थान की कैबिनेट 12 फरवरी को करेगी दर्शन। गोवा के मुख्यमंत्री कैबिनेट के साथ 15 फरवरी को पहुंचेंगे अयोध्या।

असम के मुख्यमंत्री 15 फरवरी और गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल पूरी कैबिनेट के साथ 24 फरवरी को रामलला के दर्शन करेंगे। इसी क्रम में सबसे आखिरी में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अपनी कैबिनेट के साथ 4 मार्च को अयोध्या में भगवान श्री राम के दर्शन करेंगे। 22 जनवरी के बाद से लगातार अयोध्या में भक्तों की भीड़ देखी जा रही है। उसी बीच बीजेपी ने भी यह बड़ा फैसला लिया है। माना जा रहा है कि यह आने वाले लोकसभा चुनाव के लिए काफी फायदेमंद साबित होगा और इसके साथ ही पुलिस प्रशासन के लिए व्यवस्था बनाना आसान होगा।