अयोध्या धाम में राम मंदिर में भक्तों की रात से ही लगने लगी लंबी लाइनें

अयोध्या

रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद अब अयोध्याधाम में प्रभु श्रीराम के दर्शन करने वालों का रेला लगना शुरू हो गया है. अयोध्या पहुंच रहे हजारों भक्त किसी भी तरह जल्द से जल्द मंदिर पहुंचकर रामलला के दर्शन करना चाह रहे हैं. मंगलवार (23 जनवरी) की सुबह से ही श्रीराम जन्मभूमि पर बने मंदिर के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतार लगनी शुरू हो गई है.

राम मंदिर के मुख्य द्वार के बाहर देर रात से ही भक्तों की लंबी लाइन लगनी शुरू हो गई. तड़के 2 बजे से ही बड़ी तादाद में लोग यहां जुटने लगे. भीड़ में मौजूद लोग गेट के सामने 'जय श्री राम' का उद्घोष कर मंदिर के अंदर दाखिल हो रहे हैं. देशभर से श्रद्धालुओं के जुटने का क्रम जारी है. इसके साथ ही अयोध्या के स्थानीय निवासी भी दर्शन-पूजन करने के लिए राम मंदिर पहुंच रहे हैं.

80 फीसदी तक बढ़ी होटल बुकिंग

बता दें कि राम मंदिर (Ram Mandir) के उद्घाटन से करीब 2 सप्‍ताह पहले अयोध्‍या में होटल की बुकिंग 80 फीसदी तक बढ़ चुकी है. यहां होटल में एक दिन के कमरे की कीमत अबतक के हाई रेट पर पहुंच गई है, जिसमें पांच गुना तक इजाफा हुआ है. कुछ लग्‍जरी कमरों का किराया एक लाख रुपये तक हो चुका है. खास बात यह है कि किराये में इतना इजाफा होने के बाद भी होटल की बुकिंग में हर दिन बढ़ोतरी हो रही है.

PM मोदी ने किया मंदिर का उद्घाटन

दरअसल, 22 जनवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राम मंदिर का उद्घाटन किया. इस दौरान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, देश के टॉप कारोबारी मुकेश अंबानी, बॉलीवुड सुपरस्टार अमिताभ बच्चन, रणवीर कपूर, आलिया भट्ट, साउथ सुपरस्टार रजनीकांत, चिरंजीवी, रामचरण सहित देश के कई सेलिब्रिटी मौजूद थे.

श्रमिकों पर फूल बरसाते दिखे PM मोदी

राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा में प्रधानमंत्री मोदी मुख्य यजमान थे. उन्होंने विधि-विधान से अनुष्ठान की क्रियाएं पूरी कीं. पीएम मोदी ने कमल के फूल से पूजा-अर्चना की. उसके बाद भगवान राम के बालस्वरूप के दर्शन किए. अंत में पीएम मोदी रामलला के चरणों में साष्टांग हो गए. प्राण प्रतिष्ठा के संपन्न होने के बाद पीएम मोदी ने जो एक विशेष कार्य किया उसने एक बार फिर सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा. असल में प्राण प्रतिष्ठा के ठीक बाद पीएम मोदी राम मंदिर निर्माण में शामिल रहे कर्मियों-श्रमिकों पर फूल बरसाते दिखे.