युवा शक्ति के साथ आगे बढ़ता मध्यप्रदेश

भोपाल

मध्यप्रदेश में युवाओं की शक्ति, साहस और असीम ऊर्जा का सही दिशा में उपयोग करने के उद्देश्य से उन्हें हुनरमंद बनाया जा रहा है। बिजनेस हो या बाजार, शिक्षा हो या स्वास्थ्य, गाँव हो या शहर हर जगह ऐसे युवाओं की आवश्यकता है जो स्किल्ड हो। इसी को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेश के युवाओं को कौशल से जोड़ कर उनके हाथों में हुनर देने पर अधिक जोर दिया है। भोपाल में निर्माणाधीन भारत का सबसे बड़ा ग्लोबल स्किल पार्क मुख्यमंत्री चौहान का ड्रीम प्रोजेक्ट है। करीब 1 हजार 548 करोड़ रूपये की लागत से सिंगापुर के तकनीकी परामर्श एवं सहयोग से इसका निर्माण 30 एकड़ क्षेत्र में किया जा रहा है। जून 2023 तक यह पूर्ण कर लिया जायेगा। इस पार्क के बन जाने पर हर वर्ष करीब 10 हजार युवाओं को प्रशिक्षण देकर रोजगार से जोड़ने का लक्ष्य है।

प्रदेश की तकनीकी शिक्षा और कौशल विकास मंत्री श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया का मानना है कि हमारी शिक्षा का तकनीकी के साथ सामंजस्य और संतुलन अत्यंत आवश्यक है। युवाओं के कौशल विकास के लिए प्रदेश के आईटीआई में पारंपरिक पाठ्यक्रमों के अतिरिक्त मशीन लर्निंग, एआई जैसे पाठ्यक्रमों को लागू किया जा रहा है।

वर्ष 2022 की उपलब्धियाँ

    शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार, नई दिल्ली एवं वर्ल्ड बैंक की नवीन परियोजना : Multidisciplinary Education and Research Improvement in Technical Education (MERITE) के लिए 15 चुने गए राज्यों में मध्यप्रदेश को शामिल किया गया।

    शैक्षणिक-सत्र 2022-23 से प्रदेश के 6 इंजीनियरिंग महाविद्यालयों एवं 6 पॉलीटेक्निक महाविद्यालयों में हिन्दी माध्यम से तकनीकी पाठ्यक्रमों के अध्यापन की व्यवस्था की गई।

    सिंगरौली में खनन प्रौद्योगिकी महाविद्यालय स्वीकृत।

    इंजीनियरिंग महाविद्यालय रीवा में 3 नवीन स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम ट्रांसपोर्टेशन इंजीनियरिंग (सिविल इंजीनियरिंग), थर्मल इंजीनियरिंग (मैकेनिकल इंजीनियरिंग) एवं पॉवर सिस्टम (इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग) प्रारंभ।

    शासकीय पॉलीटेक्निक महाविद्यालय पन्ना में सिविल इंजीनियरिंग एवं मेकेनिकल इंजीनियरिंग के नये पाठ्यक्रम प्रारंभ।

    इंजीनियरिंग/पॉलीटेक्निक महाविद्यालयों में उच्च गुणवता सुनिश्चित करने के लिए शैक्षणिक-सत्र 2022-23 से अकदमिक ऑडिट की शुरुआत।

    तकनीकी शिक्षा विभाग और आईआईटी इंदौर के मध्य एमओयू किया जाकर राज्य के 8 स्वशासी एवं शासकीय अनुदान प्राप्त इंजीनियरिंग महाविद्यालय के विद्यार्थियों के लिए आईआईटी इंदौर की प्रयोगशालाओं के विजिट एवं लर्निंग रिसोर्स सेंटर्स के उपयोग के साथ ही निःशुल्क इंटर्नशिप का प्रावधान किया गया।

    मल्टीनेशनल कंपनियों में इंजीनियरिंग महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं के प्लेसमेंट के अवसरों में वृद्धि के लिए एमपीकॉन के माध्यम से विदेशी भाषाओं जैसे जापानी, फ्रेंच एवं जर्मन भाषाओं के प्रशिक्षण कार्यक्रम का शेड्यूल तैयार किया गया। जापानी भाषा के बैच का प्रशिक्षण कार्य पूर्ण।

    राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के क्रियान्वयन के लिए मल्टी डिसिप्लीनरी एजुकेशन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से तकनीकी शिक्षा संचालनालय द्वारा इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (IGNOU) के माध्यम से प्रदेश के 20 इंजीनियरिंग/ पॉलीटेकनिक महाविद्यालयों में योग पर 06 माह का "सर्टिफिकेट प्रोग्राम इन योग" के लिये संस्थाओं द्वारा चयनित 200 विद्यार्थियों के लिये प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रारंभ।

    पहली बार तकनीकी शिक्षा संचालनालय द्वारा वर्ष 2022-23 के लिए प्रशिक्षण केलेंडर जारी किया गया। इस केलेंडर में विद्यार्थियों एवं शिक्षकों / स्टाफ के लिए एमएसएमई टेक्नोलॉजी सेंटर भोपाल, NITTTR भोपाल, क्रिस्प भोपाल एवं MPCON भोपाल के माध्यम से ऑन जॉब ट्रेनिंग कार्यक्रमों का निर्धारण।

    वर्ष 2022-23 के लिए इंजीनियरिंग/पॉलीटेक्निक महाविद्यालयों के विद्यार्थियों के प्लेसमेंट के अवसरों में वृद्धि एवं इन्हें इंडस्ट्री में रोजगार पाने के योग्य बनाने के उद्देश्य से "Placement and Skilling Initiatives 2022" में संस्थाओं को कार्य-योजना जारी।

    राष्ट्रीय स्तर की प्रोफेशनल एजेन्सीज नेस्‍कॉम, सेल्स फोर्स एवं सिस्को के साथ एमओयू।

    21 सितम्बर 2022 को सेल्स फोर्स द्वारा 'ELEVATE 2022' में प्रथम चरण के प्रशिक्षण का कार्य प्रारंभ हुआ। द्वितीय चरण जनवरी 2023 में प्रस्तावित। प्रथम वर्ष में विद्यार्थियों में कम्यूनिकेशन स्किल डेवलप की जायेगी। द्वितीय वर्ष में क्वांटिटिव एप्टीटयूड और तृतीय वर्ष में लॉजिक रीजनिंग और डिजिटल फ्ल्यूऐंसी की ट्रेनिंग दी जायेगी। फाइनल इयर में एआई, मशीन लर्निंग, साइबर सिक्यूरिटी, डेटा एनालिसिस, क्लाउड कम्प्यूटिंग, डिजिटल मार्केटिंग जैसे विषयों की ट्रेनिंग कराई जायेगी।

    मुख्यमंत्री मेधावी विद्यार्थी योजना में शैक्षणिक-सत्र 2022-23 में दिसम्बर 2022 की स्थिति में 39 हजार 453 मेधावी विद्यार्थी लाभान्वित। विद्यार्थियों को योजना में अभी तक 162 करोड़ 91 लाख रूपये की राशि उपलब्ध कराई गई।

    मुख्यमंत्री जन-कल्याण शिक्षा प्रोत्साहन योजना में शैक्षणिक-सत्र 2022-23 में दिसम्बर 2022 की स्थिति में 3375 लाभार्थियों को 4 करोड़ 83 लाख रूपये उपलब्ध कराये गये।

    औद्योगिक मूल्य संवर्धन के लिए कौशल सु्दृढ़ीकरण योजना (STRIVE) में इंडो- जर्मन इनिशिएटिव फॉर टेक्निकल एजुकेशन प्रोग्राम (IGNITE) के लिए म.प्र. कौशल विकास, सीमांस इंडिया एवं जीआई जेड (GIZ) के मध्य त्रिपक्षीय एमओयू पर हस्ताक्षर।

    मध्यप्रदेश के युवाओं में दक्षता और कौशल विकास को निखारने के उद्देश्य से तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग, ग्लोबल स्किल पार्क एवं केलिफोर्निया की सेल्स फोर्स कंपनी के मध्य एमओयू।

    शिवपुरी के यूनिवर्सिटी इंस्टीटयूट ऑफ टेक्नॉलाजी में पॉवर इंजीनियरिंग एवं रिन्यूवल एनर्जी तथा आर्टिफिशियल इंजीनियरिंग एवं मशीन लर्निंग के सेंटर्

 

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