राजनीति

“लव अब कुछ नहीं होता है, लव अब जिहाद हो गया है”-सांसद साध्वी प्रज्ञा

भोपाल

मुंबई की श्रद्धा को आफताब नाम के उसके लिव इन पार्टनर ने दिल्ली में कैसे मौत के घाट उतारा और 35 टुकड़े करके लाश को ठिकाने लगा दिया? एक तरफ इस जघन्य हत्याकांड की जांच चल रही है तो दूसरी तरफ इस पर राजनीति भी तेज हो गई है। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के बाद अब मध्य प्रदेश से भाजपा सांसद साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने भी इसे लव जिहाद में हुई वारदात बताया है। उन्होंने यह भी कहा कि कोई हिंदू इस तरह की क्रूरता नहीं कर सकता है। भाजपा सांसद ने कहा कि हिंदू लड़कियों को जागरूक करने की आवश्यकता है कि अपने समाज में ही शादी करें।

साध्वी प्रज्ञा सिंह ने मीडिया कर्मियों से बात करते हुए कहा, ''एक लड़की श्रद्धा जिसके 35 टुकड़े करके एक विधर्मी ने फ्रिज में रखे और एक एक करके फेंका पूरी योजना के तहत। लव जिहाद का जो जहर फैल रहा है हमारे समाज में वह हमारे देश के लिए कलंक है। इसको मिटाना हम सब की जिम्मेदारी है। इसमें जागरूकता लाना हम सब की जिम्मेदारी है क्योंकि हिंदू कभी भी इस तरह का काम नहीं करता है। इतनी वीभत्स हत्या, इतनी क्रूरता, नृशंता तो कोई और नहीं कर सकता है, यह तो लव जिहाद के अनुगामी ही कर सकते हैं। इसलिए इनसे जागरूक करना है, हमें लड़कियों में इस बात को जगाना होगा कि आप हिंदू हैं और हिंदू से विवाह करिए। यह लव अब कुछ नहीं होता है, लव अब जिहाद हो गया है।''  

भाजपा सांसद ने राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत पर भी निशाना साधा जिन्होंने 'लव जिहाद' जैसी किसी चीज को खारिज किया है। साध्वी ने कहा, ''इसका समर्थन करने वाले राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने जिस तरह इसके पक्ष में बयान दिया है उससे उस लड़की का अपमान किया है जो मर गई है। लव जिहाद का उदाहरण देखिए यूपी में एक को हॉस्पिटल से नीचे फेंक दिया जाता है, किसी को घर में जाकर मार दिया जाता है, किसी के घर वालों को मार दिया जाता है। लड़कियों का अपहरण करके उनको तमाम प्रकार से प्रताड़ित किया जाता है। विवाह कर लेता है, बेच दिया जाता है। उनके साथ क्रूरतम अत्याचार किए जाते हैं। जो भाग आती है वह तो बच जाती हैं और भाग आती हैं, जिंदगी भर रोती हैं और जो नहीं बच पाती वह अपने 35,37 और 100 टुकड़े करवा लेती हैं। इस प्रकार से हमारे देश की बालिकाएं, जिनकी पूजा होती है, उस बालिका का भविष्य खतरे में है, इमें इस पर जागृति होना चाहिए।''

 

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