पीएफआई सदस्य युवाओं का ब्रेनवॉश करने के लिए ऐसे दिलाते हैं ट्रेनिंग, आईबी की पूछताछ में कई और खुलासे

 लखनऊ
 
पीएफआई के सदस्यों को दूसरे जिलों में ट्रेनिंग देने के समय कई तरह की आधुनिक सुविधाएं दी जाती हैं। उनके रहने-खाने के दौरान मौज मस्ती कराने का भी पूरा इंतजाम किया जाता है। ट्रेनिंग के बाद ये लोग ही दूसरे युवाओं को सुविधाओं की फोटो दिखाते। इससे ही दूसरे युवा भी पीएफआई से जुड़ने लगे। इन लोगों को अहमद बेग के भाषण भी यू-टयूब के जरिए सुनाए जाते थे। बेहद उन्मादी इन भाषणों से ही युवा का ब्रेनवॉश करने की कोशिश होती रहती है। यह सब कुछ रिमाण्ड के दूसरे दिन अहमद बेग ने पूछताछ में उगला। रविवार को इंटेलीजेंस ब्यूरो (आईबी) के अधिकारियों ने चार घंटे तक लगातार उससे पूछताछ की। अहमद बेग ऑल इंडिया उलमा काउंसिल का राष्ट्रीय अध्यक्ष है और वह एसटीएफ के हत्थे चढ़ा था।

पीएफआई के प्रदेश अध्यक्ष वसीम से उसके बेहद करीबी रिश्ते रहे और दोनों मिलकर यूपी में बड़ा नेटवर्क तैयार कर रहे थे। इस खुलासे के बाद ही अहमद बेग को मदेयगंज पुलिस ने रिमाण्ड पर लिया। रविवार को एसीपी, आईबी के अफसरों ने अहमद बेग से उसके नेटवर्क के बारे में कई सवाल किये। उससे पूछा गया कि किस तरह से पीएफआई का संगठन बढ़ता गया। अहमद बेग ने शनिवार की तरह ही कई सवालों पर चुप्पी साधे रखी थी। नेटवर्क बढ़ाने वाले सवाल पर उसने ट्रेनिंग के दौरान मिलने वाली सुविधाओं का ब्योरा दिया। इसके बाद वह आईबी अफसरों के सवालों के जाल में फंस कर कई जानकारियां देता गया।

ग्रामीण इलाके थे निशाने पर
अहमद बेग ने खुलासा किया कि इस बार संगठन के अधिकारियों ने ग्रामीण इलाकों के युवकों को अपने साथ जोड़ने की मुहिम चलाने को कहा था। इसी कड़ी में बीकेटी, गुड़म्बा, माल, मलिहाबाद के साथ ही छोटे जिलों में पीएफआई अपना नेटवर्क मजबूत करने में लगी थी। इसके लिये काफी फंडिंग भी हो चुकी है। अहमद के मोबाइल की कॉल डिटेल और ई-मेल के आधार पर भी आईबी ने कई लोगों को रडार पर लिया है। इनके बारे में और ब्योरा जुटाया जा रहा है।

 

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