भारतीय विदेश मंत्री ने पाकिस्तान को दिखाया आइना?

नई दिल्ली
आईटी सेक्टर में भारत का लोहा पूरी दुनिया मानती है और भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने इसी बात को लेकर पाकिस्तान के मजे लिए हैं। अपनी आक्रामक विदेश नीति के लिए प्रसिद्ध भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि,'आज जिस तरह से भारत इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी की दुनिया में विशेषज्ञ है, ठीक उसी तरह से हमारा पड़ोसी देश अंतर्राष्ट्रीय आतंकवाद में विशेषज्ञ है।' इसके साथ ही भारतीय विदेश मंत्री ने चेतावनी देते हुए कहा कि, अगर आज आतंकवाद का इस्तेमाल हमारे खिलाफ किया जा रहा है, तो फिर ये कल आपके खिलाफ भी इस्तेमाल होगा।'
 
भारतीय विदेश मंत्री ने क्या कहा?
गुजरात के वडोदरा में एक कार्यक्रम के दौरान भारतीय विदेश मंत्री ने कहा कि, "हमारे पास एक पड़ोसी है और जैसे हम आईटी (सूचना प्रौद्योगिकी) के विशेषज्ञ हैं, वे 'अंतर्राष्ट्रीय आतंकवादियों' के विशेषज्ञ हैं। यह सालों से चल रहा है… लेकिन हम दुनिया को समझा सकते हैं कि, आतंकवाद आतंकवाद है, आज यह हमारे खिलाफ हो रहा है, कल यह आपके खिलाफ होगा।" उन्होंने कहा कि, अब आतंकवाद के बारे में दुनिया की समझ पहले के समय की तुलना में बदल गई है और अब इसे बर्दाश्त नहीं किया जा रहा है। जयशंकर ने कहा कि, "आतंकवाद का इस्तेमाल करने वाले देश दबाव में हैं और उनके खिलाफ अंतर्राष्ट्रीय प्रेशर है।"
 

पूर्वोत्तर भारत में आतंकवाद पर क्या कहा?
वहीं, पूर्वोत्तर भारत में आतंकवादी घटनाओं पर बोलते हुए भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि, हाल के वर्षों में इन गतिविधियों में कमी आई है, क्योंकि भारत 2015 में बांग्लादेश के साथ भूमि सीमा समझौता-2015 को पूरा करने की कोशिश कर रहा है। उस समझौते ने "चरमपंथियों को बांग्लादेश में शरण लेने से रोक दिया है, जिसकी वजह से पूर्वोत्तर भारत में उनके ऑपरेशन रूक गये हैं।" इसके साथ ही भारतीय विदेश मंत्री ने कहा कि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तेल की बढ़ती कीमतों के बीच दबाव के आगे नहीं झुके और सलाह दी कि भारत को वह करना चाहिए जो देश के लिए सबसे अच्छा हो और अगर दबाव आता है तो उसका डटकर मुकाबला करें। उन्होंने कहा कि, "रूस-यूक्रेन संघर्ष के कारण पेट्रोल की कीमतें दोगुनी हो गईं। हमारे पास तेल खरीदने को लेकर दबाव था, लेकिन पीएम मोदी और सरकार का विचार था, कि हमें वही करना है जो हमारे देश के लिए सबसे अच्छा है और अगर दबाव आता है तो हमें इसका सामना करना चाहिए।"

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