खाद्य पदार्थों और मिठाइयों में मिलावट कर जनता की जान से कर रहे खिलवाड़

गंजबासौदा
नागरिकक और सामान्य परिवार अनजाने में अपने शरीर में ना चाहते हुए भी दिन के प्रत्येक समय धीमा जहर ले रहे हैं और इसके दुष्परिणाम कई तरीके की बीमारियों के रूप में सामने आ रहे हैं। देखने में आ रहा है कि क्षेत्र के रहवासी हृदय रोग, कैंसर, दमा, त्वचा रोग, आंखों की रोशनी कम होना और पेट के साथ-साथ मानसिक बीमारियों से ग्रसित होते जा रहे हैं जो अपनी कमाई का एक मोटा हिस्सा अपने उपचार के रूप में खर्च करने को मजबूर हो रहे हैं। इसका मुख्य कारण है फल, खाद्य सामग्री मिलावटी तेल और मिठाइयों व नमकीन में होने वाले केमिकलों का उपयोग अत्याधिक मात्रा में करने वाले यहां के कुछ दबंग व्यापारी जो जनता की जान से खिलवाड़ करने से तक नहीं चूकते।

लेकिन मजे की बात तो यह है कि इस और प्रशासनिक अमले का ध्यान कभी नहीं जाता बल्कि यूं कहा जा सकता है कि कुछ दबंग व्यापारी बड़े-बड़े पदों पर बैठे इन प्रशासनिक अधिकारियों से सांठगांठ कर जनता की जान से खिलवाड़ कर रहे हैं। कभी कभी कभार नगर में कार्रवाई देखने को मिलती है तो बस वह रस्म अदायगी के रूप में किसी त्योहार पर खाद्य एवं औषधी विभाग के कुछ अधिकारी जांच की रस्म को पूरा कर अपने कर्तव्य की इतिश्री करते हैं। लेकिन कई बार जांच होने के बाद भी इन जहर का काला कारोबार करने बालों पर किसी प्रकार की दंडात्मक कार्रवाई नहीं होना कई सवालों को जन्म देती है।

फलों को पकाने में कर रहे कार्बेट और जहरीले केमिकलों का उपयोग
नगर में करीब एक दर्जन फलों के थोक विक्रेताओं की दुकानें सजी हुई है। यह थोक दुकानें इनमें अंतरराज्यीय मंडियों से कच्चे फलों का व्यापार इन व्यापारियों द्वारा किया जाता है और ट्रकों में भरा कर आए ये कच्चे फल कुछ ही घंटों में जनता के सामने पके हुए बिक्री के लिए भेज दिए जाते हैं। यदि जिम्मेदार अधिकारी इन गोदामों पर छापामार कार्रवाई कर निष्पक्षता के साथ निरीक्षण करें तो देखने में आएगा कि बड़े बड़े टबों में केमिकल युक्त पानी में केसे डुबोकर तो पपीता, सेब और आम जैसे फलों को कुछ ही घंटों में कार्बेट जैसे जानलेवा जहर से पका दिए जाते हैं। इस सब जहरीली प्रक्रिया की जानकारी कुछ व्यापारियों से ली गई तो उनके द्वारा जानलेवा साबित हो रही है। नाम ना छापने की शर्त पर बताया गया त्योहारों के कि हमारे द्वारा जो कार्य किया जा रहा है इसकी जानकारी सभी अधिकारियों को रहती है इस सब के लिए हमारे द्वारा सेवा शुल्क भी अदा करना पड़ता है।

नमकीन और मिठाइयों में भी हो रहा नकली सामग्री का उपयोग
नगर में संचालित कुछ नमकीन की फैक्ट्रियों में बनने वाली नमकीन की खपत भी जोरों पर होती है लेकिन बड़े चाव से खाने वाले नागरिकों को शायद यह जानकारी नहीं रहती कि जिस नमकीन को वह बड़े चाव से स्वाद लेकर खा रहे हैं उसके निर्माण के समय कितने खतरनाक केमिकल और बड़ा के आटे एवं पाम आॅयल जैसे प्रतिबंधित और हानिकारक पदार्थों का इस्तेमाल खाद्य सामग्री के निर्माण में बेधड़क तरीके से किया जा रहा है। वही त्योहारों के समय बनने वाली रहे हैं। दुकानदारों और जिम्मेदार अधिकारियों की सांठगांठ के चलते धड़ल्ले से चल रहा मिलावट का कारोबार मिठाइयों में भी नकली मावा और केमिकल एवं खुशबूदार सामग्रियों की प जबरदस्त तरीके से मिलावट की जा रही है। लेकिन इन सब की जानकारी होने के बाद भी यहां का प्रशासन एवं ग स्वास्थ्य अमला हाथ पर हाथ रखे बैठा क होने के पीछे मात्र एक ही वजह सामने प्र आती है जो कि इन कारोबारियों और प्रशासनिक अधिकारियों की आर्थिक साठगांठ जो आम जनता के लिए जानलेबा साबित हो रही है।

कुछ दिन पहले ही होती है जांच की रस्म अदायगी
नागरिकों का कहना है कि मिलावटी खाद्य सामग्री बेचने वाले व्यापारियों पर कार्रवाई होना जैसे असंभव सा दिखाई देता है। क्योंकि नगर में त्योहारों के समय ही जिले से औषधी एवं खाद विभाग के अधिकारी महज एक रस्म अदायगी करने कुछ पल के के लिए दिखाई देते हैं और कार्रवाई के नाम पर सैंपलिंग भी करके जांच के लिए ले जाते हैं। लेकिन कभी यह देखने में नहीं आया कि जहां से सैम्पलिंग की गई है उस व्यापारी के ऊपर कभी कोई ठोस कार्रवाई हुई हो ।

 

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