उत्तर प्रदेश

बहन-बेटी को छेड़ा तो चौराहे पर यमराज करेगा इंतजार, CM योगी की चेतावनी

 गोरखपुर
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ  गोरखपुर के मानसरोवर रामलीला मैदान में आयोजित समारोह में 343 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास व लोकार्पण किया। इस दौरान सीएम योगी ने कानून संरक्षण को लेकर बात की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कानून-व्यवस्था में सेंध लगाने की अनुमति किसी को नहीं है। लोगों की सुरक्षा के लिए कानून है, लेकिन अगर किसी ने राह चलते बहन-बेटी के साथ छेड़खानी की तो अगले चौराहे पर उस शोहदे का इंतजार यमराज कर रहे होंगे और उस शोहदे को फिर यमराज के यहां भेजने से कोई रोक नहीं पाएगा।

योगी ने कहा कि सरकार विकास, लोक कल्याण व बिना भेदभाव सभी लोगों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए संकल्पित और समर्पित है। सरकार के साथ यदि नागरिक भी अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते रहेंगे तो विकास कार्यों में बैरियर बनने वाले खुद बेनकाब होते दिखेंगे। विकास की परियोजनाओं में बैरियर बनने वालों को बेनकाब करने का काम सरकार भी तेजी से कर रही है।

विकास कार्यों को सरकार की शीर्ष प्राथमिकता देते हुए सीएम ने कहा कि विकास कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए। कोई भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि कोई भी कार्यदायी संस्था हो, उसे मानक व गुणवत्ता के साथ विकास कार्य करना चाहिए। सीएम योगी ने कहा कि आज विकास ही गोरखपुर और उत्तर प्रदेश की पहचान है। योगी ने कहा कि छह साल पहले प्रदेश में गोरखपुर की और देश मे उत्तर प्रदेश के प्रति लोगों की धारणा क्या थी, पहचान क्या थी, विकास की क्या स्थिति थी, यह सबको पता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मगर्दर्शन में विगत छह वर्षों में उत्तर प्रदेश और गोरखपुर ने विकास से अपनी नई पहचान बनाई है। आज उत्तर प्रदेश की पहचान देश में विकास, सुशासन और बेहतरीन कानून व्यवस्था की है। यहां दशकों से लंबित परियोजनाएं पूरी हो रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गोरखपुर विकास की एक नई सोच दे रहा है। आज जिस रामलीला मैदान में यह कार्यक्रम हो रहा है उस पर छह साल पहले कब्जा हो रहा था। आज इसका भव्य मंच अनेक कार्यक्रम का साक्षी बनता है। उन्होंने कहा कि आज गोरखपुर से 14 फ्लाइट की सुविधा है। ऐसा नहीं होता तो आज बारिश के चलते लखनऊ से यहां आना संभव नहीं हो पाता और कार्यक्रम कैंसिल करना पड़ता।

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